हम अपने आस-पास कई समस्याएं देखते हैं. चाहे वो सड़क पर पानी जमा होने की समस्या हो या घर के बाहर गंदगी इकट्ठा होने की समस्या हो. इनमें से कितनी समस्याओं को सुलझाने के लिए हम कोई कदम उठाते हैं? हम सरकार को और अपने पड़ोसियों को कोसते रहते हैं लेकिन अपनी तरफ़ से कोशिश नहीं करते.

सोचिए, अगर पूरी दुनिया एक-दूसरे को कोसते रहती और 'कुछ नहीं' करती, तो दुनिया की शक़्ल-सूरत क्या होती? शुक्र है कुछ लोग ऐसे हैं, जो अपने दम पर बदलाव लाने की कोशिश करते हैं.

मिलिए रेहान से

अहमदाबाद के चंदोला/Barrel समुदाय में रहता है रेहान. वो Brighton English Medium School में छठी कक्षा का छात्र है. रेहान Pencil Bricks द्वारा चलाए जाने वाले Community Center में भी पढ़ाई करता है. आमतौर पर छठी में पढ़ने वाले बच्चे क्या करते होंगे. स्कूल जाना, पढ़ाई करना, खेलना-कूदना, मगर रेहान ने कुछ ऐसा कुछ कर दिखाया है, जो एक बच्चे के बहुत बड़ी उपलब्धि है और समाज के लिए उससे भी बड़ी सीख.

दीवाली की छुट्टियों का किया सही इस्तेमाल

दीवाली की छुट्टियों में रेहान ने अपना समय पटाख़ों और खेल-कूद में नहीं बिताया.

फ़ोन पर Scoop Whoop Hindi से बातचीत में रेहान ने बताया,

दीदी-भैया ने हमें दीवाली की छुट्टियों में Community Service करने के लिए प्रेरित किया. मेरे साथ 25 बच्चे पढ़ते हैं. हम सभी को ग्रुप्स में बांटा गया और हम सभी से एक-एक Community की समस्या को चुनने के लिए कहा गया. मेरे आस-पास मूल रूप से 9 समस्याएं थी और मेरी टीम ने 'प्रदूषण की समस्या' को चुना. मेरी टीम में 7 बच्चे थे.

रेहान के घर के पास ये कूड़े का पहाड़ पिछले 35 सालों से है और समय के साथ इसकी ऊंचाई और बढ़ी है.

ढूंढ निकाली समस्या की जड़

जैसा कि कई बच्चों के साथ होता है, रेहान के ग्रुप का कोई भी मेम्बर चुनी हुई समस्या पर काम करने के लिए नियत दिन और जगह पर नहीं पहुंचा. रेहान ने Scoop Whoop Hindi को बताया,

मेरे बस्ती के पास ही एक बहुत बड़ा कूड़े का पहाड़ है. इसकी वजह से हमें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. वहां से गंदी बदबू आने के साथ ही उसकी वजह से हमें पीने का साफ़ पानी भी नहीं मिलता.

कूड़े के पहाड़ पर पहुंच गया रेहान

कूड़े के पहाड़ को क़रीब से देखने और वहां फेंके जा रहे कचरे के बारे में जानने के लिए, कुछ अन्य दोस्तों के साथ मिलकर रेहान कूड़े के पहाड़ तक पहुंचा. रेहान ने बातचीत में बताया,

कूड़े के पहाड़ के अंदर से मुझे एक Chemical Pipeline निकलती दिखी. दवाईयां, मरे जानवरों के अवशेष आदि वहां फेंके जा रहे थे. 4 लोग घेरा बनाकर बैठे थे. हम संभल कर तस्वीरें और वीडियो बना रहे थे. सुबूत इकट्ठा कर ही रहे थे कि कुछ लोग आ गए और हमसे हमारा फ़ोन छीन लिया. वे हमें डराने-धमकाने लगे. उन्होंने हमें काफ़ी देर तक बैठाकर रखा.

रेहान पहले दिन के अनुभव से डरा नहीं, दूसरे दिन वो वहां फिर गया और सैंपल इकट्ठा किए.

लिखा मुनसिपाल्टी को ख़त

रेहान ने कूड़े के पहाड़ से होने वाली समस्याओं को समझने के लिए अपने समुदाय के कई लोगों से बात की. सारी समस्याएं समझ कर, रेहान ने 'अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन' को बस्ती के लोगों के दस्तख़त के साथ एक चिट्ठी भेजी है.

समस्या से निपटने के लिए लगाए पेड़

जिस समस्या से रेहान और उसके बस्ती के लोग जूझ रहे हैं उससे निपटने के लिए सरकारी मदद की आवश्यकता है. रेहान सरकारी मदद की आशा में बैठा नहीं रहा. रेहान ने बताया,

मैंने घर के पास ही कुछ पेड़ लगाए ताकी कुछ हद तक प्रदूषण की समस्या से राहत मिले.

हमने जब रेहान से पूछा कि Community Service का ख़याल उसके मन में कब आया तो रेहान का जवाब था, 'जब मैं दूसरी कक्षा में पढ़ता था, तभी से मुझे समुदाय की समस्याओं के बारे में पता चल चुका था.'

हम उम्मीद करते हैं कि रेहान की छोटी सी कोशिश से उसकी बस्ती में बड़े बदलाव आए.