जीवन और मृत्यु इस सृष्टि का नियम है, लेकिन कई बार इंसान की किस्मत उसे मौत के चंगुल ने निकाल कर ले आती है. इन बच्चों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. विषम और जानलेवा परिस्थितियों के बाद भी इन्हें मौत छू नहीं पायी, जानिये कैसे.

1. बम विस्फ़ोट से चोटग्रस्त होने के बाद भी ज़िंदा बच गया मां की कोख में बच्चा

सीरिया में चल रहे युद्ध के कारण हर दिन सैकड़ों लोगों की जानें जा रही हैं. अलेप्पो शहर के मेडिकल स्टाफ़ ने एक गर्भवती महिला की सीज़ेरियन सर्जरी कर बम ब्लास्ट में चोटग्रस्त बच्चे को बाहर निकाला. मां की कोख में ही इस बच्चे के सर पर छोटा सा घाव हो गया था. डॉक्टर्स ने इस बच्चे के सर से बम का छोटा टुकड़ा निकाला जिससे उसकी जान बच गयी. अब मां और बच्चा, दोनों सुरक्षित हैं.

2. डूबती हुई नाव में जन्म दिया नन्ही सी जान को

एस्टर टेरी अपने नवजात बच्चे, ख़लीफ़ा नायका को गोदी में खिला रही हैं. लेकिन इस बच्चे का जन्म अकल्पनीय परिस्थितियों में हुआ है. एस्टर 3,00,000 रेफ्यूजीस में से एक है जो नाव के रास्ते यूरोप जा रही थीं और रास्ते में ही उन्हें प्रसव का दर्द शुरू हो गया. छोटी सी डिंगी बोट हिचकोले खा रही थी और एस्टर दर्द के मारे कराह रही थीं. इटालियन कोस्ट गार्ड ने अपनी जान की परवाह किये बगैर, एस्टर को बचाया और उसे अपने शिप पर ले आये. एस्टर ने इस जहाज पर अपने बच्चे को जन्म दिया.

3. नानी ने अपने पोते को मृत मां की कोख से निकाला

19 सितम्बर, 1985 को मेक्सिको शहर में एक भयानक भूकम्प आया था जिसमें कई ज़िंदगियां और घर तबाह हो गए थे. उस दिन एक महिला, भूकम्प के 20 मिनट बाद अपने घर पहुंची तो पाया कि जिस बिल्डिंग में वो रहती थी, पूरी तरह से नष्ट हो गयी थी और उसके परिवार के 24 लोग भी नहीं बच पाये. वो हड़बड़ी में मलबे के बीच गयी जहां उसे अपनी गर्भवती बेटी का मृत शरीर दिखा. लेकिन फिर उसने देखा कि उसका पेट हिल रहा था, मतलब बच्चा ज़िंदा था. उस महिला ने ब्लेड से अपनी बेटी का पेट काट कर अपने पोते को निकाला. आज हेसुस फ्रांसिस्को फ्लोर्स, 30 साल का है और अपनी नानी का बहुत आभारी है.

4. प्लेन क्रैश के बाद भी ये मां और बच्चा जंगल में 4 दिन तक जीवित रहे

जून 2015 में , कोलंबिया का एक हवाई जहाज जंगलों में क्रैश हो गया था. 19 साल की मारिया ने अपने नवजात शिशु को किसी तरह से प्लेन की आग से बचाया लेकिन पायलट की जान नहीं बच पायी. फिर 4 दिन तक मारिया अपने बच्चे के साथ उस जंगल में रही. उसने बचावकर्ताओं के लिए कई क्लूज़ भी छोड़े, लेकिन उन चार दिनों तक मारिया नारियल का पानी पी कर जीवित रहीं. अपने बच्चे को उन्होंने मां का दूध पिलाया. बचावकर्ताओं ने आख़िरकार मरिया और उनके बच्चे को बच्चे को बचा लिया. अभी दोनों स्वस्थ हैं.

5. भूकम्प के मलबे में 7 दिन फंसे रहने के बाद भी जीवित बच गया 11 दिन का बच्चा

2009 में हैती में आये विनाशकारी भूकम्प ने लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था, लेकिन इस बच्चे के जीवित रहने की कहानी सुन कर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे.
11 दिन की एलिज़ाबेथ 7 दिन तक भूकम्प के मलबे में जीवित रही. एक हफ़्ते बाद जब फ्रेंच रेस्क्यू टीम घर के अंदर घुसी तो उन्हें एक बच्चे के रोने की आवाज़ सुनाई दी. वो ये देख कर चौंक गए कि बच्चा अभी भी ज़िंदा था. बच्चे के माता-पिता को जब ये ख़बर मिली तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा.

6. 54 दिन कोमा में रहने के बाद भी गर्भवती मां ने दिया अपनी एंजल को जन्म

22 साल की कार्ला पेरेज़ अपनी बेटी एंजल के साथ गर्भवती थीं, जब उन्हें दिल का दौरा पड़ा. कार्ला कोमा में चली गयीं, लेकिन उनके परिवार ने उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर ज़िंदा रखा जिससे कि बेटी को बचाया जा सके. एंजल का जन्म उनकी मां के कोमा में जाने के 54 दिन बाद हुआ. ये बहुत ही दुर्लभ केस था क्योंकि 1982 से अब तक सिर्फ़ 33 केसेस हुए हैं जब ऐसी अवस्था में बच्चा ज़िंदा बच पाया है. आज एंजल अपने दादा-दादी के साथ रहती है.

7. मृत पैदा हुआ बच्चा 22 मिनट बाद हो गया ज़िंदा

इसे आप चमत्कार नहीं तो क्या कहेंगे कि मृत पैदा हुआ बच्चा 22 मिनट बाद अपने आप ज़िंदा हो गया. ये कारनामा हुआ ऐबी और लौरा टॉमकिंस के साथ. डॉक्टर्स की भरपूर कोशिश बाद, जैकब को बचा लिया गया और अब वो अपनी मां के साथ एसेक्स में रहता है.

8. SUV से एक्सीडेंट के बाद भी बच्चे की जान बच गयी

वाशिंगटन में एक 9 महीने के बच्चे को 'मिरेकल बेबी' के नाम से जाना जाता है क्योंकि SUV से एक्सीडेंट के बाद भी वो सुरक्षित बच गया. मई 2015 में, सीएटल के एक इलाके में 34 साल के ड्राइवर ने गलती से SUV का एक्सेलरेटर दबा दिया जिसकी वजह से वो घर में जा घुसी और बच्चे के क्रिब से टकरा गयी. क्रिब तो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन बच्चे को खंरोच तक नहीं आई. सच्ची में, ये एक मिरेकल ही था.

9. मां ने अपने 10 महीने के बच्चे के साथ आत्महत्या करने की कोशिश की... लेकिन

वो बच गया... मार्च 2013 में एक परेशान महिला वकील अपने 10 महीने के बच्चे के साथ आठवीं मंज़िल से कूद गयी, लेकिन बच्चे को मामूली सी खंरोच ही आयी. उस बच्चे की मां सिंथिया पीठ के बल गिरी, जिससे बच्चा उछल के सड़क पर आ गिरा.

इन सारे किस्सों को जान कर लगता है कि इस ब्रह्माण्ड में कोई तो शक्ति है तो मनुष्य की सुरक्षा करती है. आखरी समय हर किसी का आता है, लेकिन समय आने पर. अगर आपने भी कभी ऐसा मिरेकल देखा है तो कमेंट कर के ज़रूर बताएं.


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