संजय दत्त की बायोपिक 'संजू' रिलीज़ हो चुकी है. फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है, इसके साथ ही एक्टर रणबीर कपूर की दमदार एक्टिंग को भी ख़ूब सराहा जा रहा है. राजू हिरानी द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म को तमाम तारीफ़ें और ख़ूबियों के लिए जाना जाएगा, लेकिन काफ़ी परफ़ेक्शन के बाद भी 'संजू' में छोटी-छोटी मिस्टेक्स रही गई हैं, जिसे शायद अब तक आप नहीं पकड़ पाए होंगे.

अगर अभी तक ग़ौर नहीं किया, तो एक बार इन ग़लतियों पर नज़र डाल लीजिए :

1. फ़िल्म के एक सीन में संजू बाबा को हॉस्पिटल में दिखाया गया है और उनके सिर में लेफ़्ट साइड में चोट लगी हुई है. वहीं अगले ही सीन में आप उन्हें बस में सफ़र करते हुए देख सकते हैं, लेकिन हैरानी की बात ये है कि इतनी देर में वो चोट लेफ़्ट से राइट साइड पर शिफ़्ट हो जाती है.

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2. फ़िल्म के ट्रेलर में आपने देखा होगा कि संजय मांजरेकर, संजय दत्त से फ़ोन पर बात करते हुए पूछते हैं कि बाबा 'किधर रह गया यार तू'. इस दौरान उनके पीछे एक शख़्स खड़ा हुआ दिखाई देता है, लेकिन अगले ही शॉट में वो इंसान बदल जाता है. मतलब कुछ ही सेकेंड में ऐसा होना कैसे संभव है.

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3. अब आते हैं तीसरी और बड़ी ग़लती पर जेल में बंद संजू बने रणबीर कपूर से पुलिस वाला पूछता है कि क्या तुम्हारे पास AK-56 थी, तो रणबीर जवाब देते हुए कहते हैं नहीं. रणबीर का जवाब सुन कर पुलिस वाले को गुस्सा आ जाता है और वो उन्हें ज़ोरदार थप्पड़ मार देता है, अब इसमें नोटिस करने वाली बात ये है कि उस सीन में साउंड थप्पड़ की जगह, टूटे हुए शीशे का आता है. मतलब टूटे हुए शीशे की तरह थप्पड़ की आवाज़ पहले कभी नहीं सुनी.

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4. फ़िल्म के सीन में एक शख़्स संजय बाबा को डराने के लिए गोली चलाता है, तो उसकी गोली से कारपेट फट जाता है. पर वहीं जब कैमरे का एंगल चेंज होता है, तो जहां से कारपेट फटा था वहीं से सही हो जाता है यार.

ख़ैर, बड़ी-बड़ी फ़िल्मों में ऐसी छोटी-छोटी ग़लतियां हो जाती हैं. बाकि मूवी भी हिट है और अपने संजू बाबा बने रणबीर भी. अगर अब तक फ़िल्म नहीं देखी, तो देख लो.