विकास की दौड़ में आज हम विकसित देशों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल रहे हैं. तरक्की और टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया भर के देशों को टक्कर दे रहे हैं. ये कहना गलत नहीं होगा कि आज हिंदुस्तान एक ऐसा गलियारा बन चुका है, जिसने दुनिया को बड़े-बड़े वैज्ञानिक, चिंतक और अर्थशास्त्री दिए हैं. दुनिया को इतना कुछ देने के बावजूद हिंदुस्तान आज भी अपनी संकीर्ण सोच की बेड़ियों में बंधा हुआ दिखाई देता है. इसका ताज़ातरीन उदाहरण केरल के मल्लापुरम डिस्ट्रिक्ट में देखने को मिला है, जहां एक मस्जिद के फ़रमान ने राज्य भर में एक विवाद को जन्म दे दिया है.

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ख़बरों के मुताबिक, कून्नूम्मल यूसुफ़ की 26 वर्षीय बेटी एक ईसाई लड़के टीसो टॉमी से प्यार करने लगी थी और उससे शादी करना चाहती थी. यूसुफ़ अपनी बेटी के इस फ़ैसले में उसके साथ थे, जिसके बाद दोनों की शादी कर दी गई. शादी के बाद यूसुफ़ ने रिसेप्शन रखा, जिसमें उन्होंने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को बुलाया.

यूसुफ़ के इस फ़ैसले से नाराज़ हो कर स्थानीय मस्जिद ने यूसुफ़ और उनके परिवार के ख़िलाफ़ फ़रमान निकाला, जिसमें मस्जिद में आने वाली लोगों से आग्रह किया गया है कि यूसुफ़ के परिवार से सारे संबंध तोड़ कर उनका समाजिक बहिष्कार करें. इस बाबत मस्जिद द्वारा एक सर्कुलर भी निकाला गया है, जो मलयालम में लिखा हुआ है.

मस्जिद के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ जासीला के चाचा रशीद ने फ़ेसबुक पर लिखा कि 'उसे अपने पसंद के लड़के से शादी करने का अधिकार है. जासीला पहली ऐसी लड़की नहीं है, जो दूसरे धर्म के लड़के से शादी कर रही हो. मस्जिद ऐसा करने से किसी को कैसे रोक सकता है?' रशीद के इस पोस्ट को लोगों द्वारा जम कर शेयर किया जा रहा है.

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