अगर बॉलीवुड फ़िल्मों में दिखाई जाने वाली मांओं की बात करें, तो दिमाग़ में एक ऐसी अबला औरत की छवि बनती है, जो मेलोड्रामा करने का बहाना ढूंढती रहती है. लेकिन कुछ फ़िल्में ऐसी भी हैं, जिनमें दिखाए गए मांओं के कैरक्टर स्टीरियोटाइप पर आधारित न होकर, असलियत के ज़्यादा करीब थे.

ये हैं वो बॉलीवुड फ़िल्मों की वो मांएं, जो न तो अबला हैं, न ही आंसुओं की गंगा हैं:

1. संध्या मृदुल - एंग्री इंडियन गॉडेसेज़

Source: Indianexpress

मां बनने के बाद भी संध्या अपने करियर में सफ़ल बने रहने के लिए कड़ी मेहनत करती है. समय आने पर वो रेपिस्ट को गोली भी मार देती है.

2. स्वरूप संपत - की एंड का का

करीना की मां का किरदार प्रगतिशील और मॉडर्न था. उन्हें लिव-इन रिलेशनशिप से भी कोई परेशानी नहीं थी और वो अपनी बेटी को उसके करियर में आगे बढ़ने के लिए पूरा सपोर्ट करती थीं.

3. स्वरा भास्कर - निल बट्टे सन्नाटा

एक बाई के तौर पर काम करने वाली मां का किरदार इस फ़िल्म में बेहद मज़बूत और दृढ़-निश्चयी दिखाया गया है. वो उम्र के बंधनों को तोड़ती है और स्कूल जाकर शिक्षा लेती है.

4. रेवती - मार्गरिटा विद अ स्ट्रॉ

इस फ़िल्म में दिव्यांग बेटी की मां का किरदार बहुत सहयोगी दिखाया गया है. कल्कि ने इस फ़िल्म में Cerebral Palsy से पीड़ित लड़की का किरदार निभाया है.

5. शबाना आज़मी

Source: Intoday

शबाना आज़मी ने इस फ़िल्म में मां का रोल इतनी ख़ूबसूरती से किया है कि एक-एक जज़्बात परदे पर निखर कर आया है.

6. रत्ना पाठक शाह - जाने तू या जाने न

इस फ़िल्म में उन्होंने ऐसी मां का किरदार निभाया है, जो अपने बेटे की दोस्त बन कर रहती है. उसके दोस्तों से लेकर उसके प्यार तक, वो उससे हर चीज़ के बारे में एक दोस्त की तरह बात करती है.

7. श्री देवी - इंग्लिश विंग्लिश

इस फ़िल्म में श्री देवी ने एक ऐसी मां का रोल किया है, जो खुद को बेहतर जानने के और अंग्रेज़ी के अपने डर को ख़त्म करने की राह पर है.

8. किरण खेर - ख़ूबसूरत

इस फ़िल्म में किरण खेर एक ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो अपनी बेटी की दोस्त बन कर रहती है. सोनम हर बात बिना सोचे उनसे खुल कर शेयर कर पाती थी.

9. ज़ोहरा सहगल - चीनी कम

इस फ़िल्म में ज़ोहरा सहगल एक ऐसी मां का किरदार निभा रही थीं, जो बूढ़ी तो है पर प्रगतिशील भी है. वो अपने बेटे को प्यार ढूंढने के लिए प्रेरित करती हैं.

10. विद्या बालन

विद्या बालन इसमें एक विचित्र बीमारी से जूझ रहे बच्चे की मां के किरदार में दिखी हैं. वो एक मज़बूत सिंगल पेरेंट की तरह उसकी परवरिश करती हैं.