एक मां जो अपने बच्चे को नौ महीनों तक अपनी कोख में पालती है और असहनीय पीड़ा सहन करके बच्चे को जन्म देती है, वही अगर बच्चे को अपना दूध पिलाने से मना कर दे, तो क्या आप इस बात पर विश्वास करेंगे. शायद नहीं, लेकिन 28 वर्षीय एक महिला ने बिहार के पटना के पालीगंज हॉस्पिटल में एक बच्चे को जन्म तो दिया, पर उसे स्तनपान कराने से मना कर दिया. इसकी वजह थी बच्चे के शरीर पर एक कवच की तरह का खोल. ये बच्चा बिलकुल एलियन जैसा दिख रहा था.

इस मां ने बच्चे को स्तनपान कराने से तो मना किया ही, साथ ही उसको गोद में लेने से भी डर रही थी. वैसे तो हॉस्पिटल के सभी डॉक्टर्स बच्चे के इस रूप को देखकर हैरान थे, लेकिन डॉक्टर्स के अनुसार, ऐसा आनुवंशिक विकार (Genetic Disorder) के कारण हुआ होगा. इस बीमारी को Harlequin Ichthyosis नाम से जाना जाता है और माना जा रहा है कि भारत में इस बीमारी के साथ जन्म लेने वाला ये दूसरा बच्चा है.

इस दुर्लभ बीमारी से ग्रसित बच्चे को जन्म देने वाली महिला का कहना है, 'मुझे नहीं पता कि ऐसा क्यों हुआ है. मैं और मेरा पूरा परिवार इस बात से काफ़ी हैरान और डरे हुए हैं. मैं अभी तक सदमें में हूं क्योंकि मैं तो हमेशा से ही एक स्वस्थ बच्चे की मां बनना चाहती थी, फिर चाहे वो लड़की होती या लड़का.'

Harlequin Ichthyosis एक बेहद ही दुर्लभ बीमारी है, जिसमें बच्चा आनुवंशिक विकार के कारण मोटी और सख्त सफ़ेद स्किन के साथ जन्म लेता है. बच्चे की स्किन पर दरारें भी होती हैं. अगर गर्भावस्था के दौरान महिला के अल्ट्रासाउंड स्कैन में इस बीमारी का पता चल जाए तो, इसका उपचार गर्भ में ही किया जा सकता है. Harlequin Ichthyosis से पीड़ित बच्चे गंभीर बैक्टीरिया इन्फेक्शन से ग्रसित होते हैं. हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का कहना था कि ये बच्चा ज़्यादा दिनों तक जीवित नहीं रहेगा. क्योंकि जन्म के कुछ समय बाद ही इस दुर्लभ बीमारी से ग्रसित बच्चे की मौत हो जाती है. लेकिन वहीं ऐसे बच्चे कुछ सालों तक जिंदा भी रहते हैं. डॉक्टर्स ने बताया कि 10 लाख बच्चों में से कोई एक बच्चा ऐसा होता है.

वहीं महिला की डिलीवरी कराने वाली डॉक्टर ने कहा कि हो सकता है कि मां-बाप के जीन में हुए म्यूटेशन के कारण बच्चे का ऐसा रूप हुआ. बच्चे के शरीर के ऊपर किराटिम लेयर होता है, जिससे बच्चे की त्वचा आक्सीजन नहीं ले पाती है.

बच्चे की आंख, नाक, कान और हाथ पूरी तरह से डेवलप नहीं हुए थे. बच्चे के जन्म के बाद उसका अजीबोगरीब शरीर देख उसकी मां बिलकुल डर गई. बच्चे का रंग हरा था, उसके शरीर पर कछुए की तरह धारीदार आकृति बनी हुई थी. उसका सिर भी पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ था. बच्चे का मुंह काफ़ी बड़ा था, लेकिन कानों का विकास नहीं हुआ था. आंखें भी पूरी तरह से नहीं बन पाई थी, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से लाल दिखाई दे रहा था. हालांकि, जन्म के तीन दिन बाद बच्चे की मौत हो गई थी.