दोस्तों आपने देश-विदेश में होने वाली कई तरह की अनोखी प्रतियोगिताओं के बारे में आपने सुना होगा, लेकिन आज हम एक बेहद ही अनोखी प्रतियोगिता के बारे में बताने जा रहे हैं. ये प्रतियोगिता इन दिनों देश के सबसे हॉट टॉपिक 'गाय' से सम्बंधित है. मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में एक ऐसी प्रतियोगिता का आयोजन होने वाला है जिसमें सबसे ज़्यादा दूध देने वाली गाय और भैंस को विजेता चुना जाएगा. वहीं उस गाय या भैंस को पालने वाले पशुपालक को 2 लाख रुपये की धनराशि इनाम स्वरुप दी जायेगी.

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पशु पालन विभाग गोपाल पुरस्कार योजना के नाम इस प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय उन्नत नस्ल के गौवंशीय और भैस वंशीय पशुओं के पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ अधिक दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए कर रहा है. इस स्पर्धा में कोई भी पशुपालक जिसके पास भारतीय नस्ल की गाय या भैंस है, भाग ले सकता है. ध्यान देने वाली बात है कि ये प्रतिस्पर्धा विकासखण्ड स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर पर संचालित होगी.

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गोपाल पुरस्कार योजना में हर स्तर पर पहला, दूसरा और तीसरा पुरस्कार दिया जाएगा. साथ ही इसमें सात सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे.

प्रतियोगिता में इस प्रकार होगी इनाम राशि:

विकासखंड स्तर पर सबसे ज़्यादा दूध देने वाली गाय और भैंस दोनों को पहला पुरस्कार 10 हजार रुपए, दूसरा पुरस्कार 7500 और तीसरा पुरस्कार 5000 रुपए का दिया जाएगा.

वहीं जिला स्तर पर सबसे ज़्यादा दूध देने वाली गाय और भैंस को पुरस्कार स्वरुप क्रमशः 50,000, 25000 और 15000 रुपए दिए जाएंगे. इसके अलावा 7 गायों को 5000 रुपए का सांत्वना पुरस्कार भी मिलेगा.

राज्य स्तर पर सबसे ज़्यादा दूध देने वाली गाय और भैंस को अलग-अलग इनाम दिए जाएंगे. जिसमें पहला इनाम दो लाख, दूसरा एक लाख रुपए और तीसरा पुरस्कार 50 हजार रुपए का होगा. और 7 गायों को 10 हजार रुपए के रूप में सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा.

इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए जो मापदंड तय किया गया है उसके अनुसार प्रतिदिन 4 लीटर या उससे अधिक दूध देने वाली गायों और 6 लीटर प्रतिदिन दूध देने वाली भैंसों को शामिल किया जाएगा. इसके अलावा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली गाय और भैंस का 3 टाइम का दूध निकलवाकर उसका औसत निकाल कर चयन किया जाएगा. इसके अलावा विकासखण्ड और जिला स्तर पर अधिकतम दूध देने वाली 10 गाय और 10 भैंसों का प्रतियोगिता के लिए चुनाव किया जाएगा. जबकि राज्य स्तर की प्रतियोगिता में हर जिले की प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त गायों और भैंसों के आवेदन को शामिल किया जाएगा.

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