बदलते वक़्त के साथ अब भारतीय भी बदल रहे हैं. जहां पहले ताम-झाम वाली शादियां होती थीं, वहीं अब धीरे-धीरे कई लोग सामान्य शादियां कर सबको नया संदेश दे रहे हैं.

शोरगुल वाली शादी की जगह अब कई जोड़े सामान्य सी शादी कर अलग उदाहरण स्थापित कर रहे हैं. पिछले साल छत्तीसगढ़ के एक दूल्हे ने शादी के तोहफ़े के रूप में पुरानी-नई किताबें मांगी थी.

अब मुंबई के कपल, दीपा कामथ और प्रशीन जग्गर ने हमें ये बताया है कि कम चीज़ों में शादी कैसे कर सकते हैं.

पेशे से फ़्रीलांस फ़ोटोग्राफ़र, प्रशीन जग्गर ने Indian Express से बातचीत में बताया,

Eco-Friendly शादी को लेकर लोगों में बहुत सारी ग़लत धारणाएं हैं. उदाहरण के तौर पर Vendors ये कह रहे थे कि टिश्यू पेपर Eco-Friendly हैं, उन्हें ये पता ही नहीं कि इन्हें बनाने के लिए हर साल हज़ारों पेड़ काटे जाते हैं. Vendors को Convince करना सबसे मुश्किल काम था.

प्रशीन ने ये भी बताया कि Caterers को प्लास्टिक कप का इस्तेमाल न करने के लिए मनाना आसान नहीं था.

अक़सर कुछ नया करने जाओ, तो एक बात बैरियर बन जाती है, कि 'लोग क्या कहेंगे?'

पर प्रशीन और दीपा की शादी में आए सभी मेहमानों ने इस कपल की सराहना की. शादी का Main Welcome Board भी एक LED TV के कार्डबॉर्ड बॉक्स से बनाया गया था.

शादी का न्यौता, प्रिंटेड कार्ड्स पर नहीं, WhatsApp के ज़रिए और Personally जाकर दिया गया. शादी में आए मेहमानों को रिटर्न गिफ़्ट के रूप में बीज दिए गए और उन्हें कहीं भी लगाने का आग्रह किया गया.

प्रकृति को बचाने का कितना सही तरीका है न?