पिछले दिनों लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई मानो थम सी गई थी, लेकिन मुम्बइकर्स की ज़िंदादिली और दूसरों की मदद करने की स्पिरिट की वजह से अब वहां का जन-जीवन नॉर्मल हो रहा है.

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इस विषम परिस्थिति में जब सड़कों पर पानी भरा हुआ था, और लोग उसमें फंसे हुए थे अपने घर तक नहीं पहुंच पा रहे थे, तब लोगों ने अपने घरों के दरवाज़े बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिए खोल दिए थे. गुरुद्वारा हो या नेवी हर स्तर पर मदद के लिए हाथ आगे आये थे. कोई खाना पहुंचा रहा था, तो कोई चाय-नाश्ता बांट रहा था, तो वहीं ओला कैब ने भी फ़्री सर्विस दी थीं, ताकि लोग सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें. ऐसी कई कहानियां मुंबई से सामने आ रही हैं, जिनमें लोगों ने बाढ़ में फंसे लोगों की मदद की.

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ऐसी ही एक कहानी से आज हम आपको रू-बरू करवाने जा रहे हैं. ये बात 29 अगस्त की है, जब एक कैब ड्राइवर ने उस समय हो रही भयंकर और तेज़ बरसात की परवाह न करते हुए एक लड़की को उसके घर तक छोड़ा.

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The Indianfeed के अनुसार, इस लड़की का नाम शिखा चावला है और कैब ड्राइवर की इस निस्वार्थ मदद ने शिखा को ख़ासा प्रभावित किया और उसका दिल छू लिया. शिखा इसके एवज में उसके लिए कुछ करना चाहती थी इसलिए अब वो कैब ड्राइवर के रिश्तेदार के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के जरिये नौकरी ढूंढ रही है.

शिखा ने बताया, 29 अगस्त को वो अपने ऑफ़िस से दोपहर पौने तीन बजे निकली. उस दिन सुबह से तेज बारिश हो रही थी. मुंबई की सड़कें, फ्लायओवर, रेल पटरियों के साथ हर एरिया पानी में डूब चुका था. इसलिए शिखा ने कैब बुक की थी. सड़कों पर पानी ही पानी था. पानी के कारण गाड़ी चलना भी मुश्किल था. ऐसी स्थिति में जब हर कोई अपने घर जल्दी से जल्दी पहुंचना चाहता है और दूसरों की परवाह नहीं करता, ऐसे में उस कैब ड्राइवर ने उसकी मदद करने की ठानी और उससे बोला कि वो कैसे भी करके उसको घर पहुंचाएगा. और कई घंटों तक लगातार गाड़ी चलाने के बाद रात के साढ़े आठ बजे घर पहुंचाया.

शिखा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होने उस दिन की पूरी आपबीती लिखी है. उन्होंने लिखा है कि कैसे उस कैब ड्राइवर ने उस वक़्त उसकी मदद की जब अधिकतर ड्राइवर्स ने कहीं भी जाने से मना कर दिया था. शिखा ने अपनी पोस्ट में ये भी लिखा कि जब मेरे घर वाले बार बार मुझे फ़ोन करके मेरी ख़ैर-खबर ले रहे थे, तब इस कैब ड्राइवर ने मुझसे कहा कि 'मैडम, घरवालों को बता दो आप ठीक ठाक पहुंच जाओगे। मैं आपको कैसे भी करके घर छोड़के रहूंगा. आप गाड़ी में सबसे सुरक्षित हो.'

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जब शिखा को कैब ड्राइवर ने पिक किया था, तब उस ड्राइवर का रिलेटिव भी गाड़ी में था, जो मुंबई काम की तलाश में आया था. ड्राइवर के रिश्तेदार को कंप्यूटर का ज्ञान था, इसलिए शिखा ने उसको वादा किया कि वो उसके लिए जॉब ढूंढेंगी औरअपने वादे को पूरा करने के लिए शिखा फेसबुक के ज़रिये उसके लिए नौकरी ढूंढ रही हैं.

शिखा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'जब मैं घर पहुंची, तो मैं इस ड्राइवर को उसकी मेहनत से ज़्यादा कुछ देना चाहती थी, इसकी मदद को पैसों से नहीं तोला जा सकता है. इसलिए मैं उसके रिश्तेदार, जो कंप्यूटर ऑपरेटर है के लिए जॉब ढूंढ रही हूं. इसका नाम मनोज कुमार और उम्र 20 साल है. मनोज का मोबाइल नंबर 9682829212 है, और ये 10k+ सैलरी की नौकरी करना चाहता है.'

ये मुंबईवालों की ज़िंदादिली ही है, तभी तो मुंबई की रफ़्तार कभी कम नहीं होती.

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