Radio City की मशहूर RJ, सुचरिता त्यागी ने ट्विटर पर बताई निकिता कई की कहानी. जिसे पढ़कर लगता है कि ये दुनिया अभी उतनी बेहरम नहीं हुई है. इस दुनिया मे लोग आज भी मोहब्बत और दूसरों की मदद करने में यक़ीन रखते हैं.

सुचरिता ने निकिता की कहानी, ट्विटर पर शेयर की और पूरा शहर उमड़ पड़ा उसकी मदद को. निकिता, देख नहीं सकती और लॉ की पढ़ाई कर रही हैं. उसे ख़ुद उसी के परिवार ने अकेला छोड़ दिया था.

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सुचरिता ने अपने Official Twitter Handle से कई ट्विट्स किए. उन ट्विट्स के अनुसार, निकिता लॉ की तीसरे साल में हैं और रेडियो चैनल द्वारा आयोजित एक प्रतियोगिता भी जीत चुकी हैं.

जब निकिता अपना इनाम लेने के लिए रेडियो स्टेशन पर आईं, तब सुचरिता से उनकी बात-चीत हुई. बातचीत के दौरान ही सुचरिता को पता चला कि निकिता के माता-पिता को इस बात का ग़म है कि निकिता देख नहीं सकती. वे निकिता की शादी स्कूल की पढ़ाई ख़त्म होने के बाद ही करना चाहते थे. पर निकिता ने आगे पढ़ने की ठान ली थी.

निकिता के अपने ही घरवालों ने उसे कोई आर्थिक मदद देने से इंकार कर दिया. इतना ही नहीं, निकिता को घर से भी निकाल दिया.

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सुचरिता ने जब निकिता की कहानी सुनी तो उसे अपने श्रोताओं को भी सुनाने की सोची.

जैसे ही लोगों ने निकिता की कहानी सुनी, हर तरफ़ से मदद के हाथ उठने लगे. लोगों की दिलेरी की बदौलत, निकिता को अब अपनी पढ़ाई और पेट पालने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी.

मुझे RJ का काम करते हुए 10 साल हो गए. पर आज मैंने Twitter की असली Power को Experience किया है.

जब निकिता ने आगे पढ़ने की बात कही, तो उसे घर छोड़ने को कह दिया गया. हालांकि उसके पिता का अपना बिज़नेस है.

निकिता टूट चुकी थी. उसने मथुरा की टिकट खरीद ली और शहर छोड़ने का मन बना लिया. दोस्तों के समझाने पर उसने शहर नहीं छोड़ा.

दोस्तों, आप निकिता की मदद कर सकते हो. निकिता को वक़ील बनना है. आगे की पढ़ाई के लिए और होस्टल में रहने के लिए पैसों की ज़रूरत है. पर कॉलेज के छात्र कितनी सहायता कर सकते हैं?

हॉस्टल फ़ी एक बार में ही भर दी गई. इससे निकिता को महीने में 20 दिन तक मुफ़्त डिनर मिलता था. निकिता यही खाती थी. निकिता ने इन सब के बावजूद परिक्षाओं में 80% स्कोर किए हैं.

निकिता रेडियो सिटी पर अपनी कहानी कहने नहीं आई थी. वो बस अपना ईनाम लेने आईं थी. हमारे कहने पर वो रिकॉर्डिंग के लिए तैयार हुईं.

मुझे नहीं पता कि आप में से कितने लोगों ने निकिता की कहानी सुनी है. मुझे अपने शो Mumbai Masala पर उसके बारे में बात करते हुए 1 हफ़्ते से भी ज़्यादा वक़्त हो गया है.

मुझे 100 से भी ज़्यादा टेक्सट मैसेज़ और बहुत से फ़ोन आए हैं. बाबा सेहगल ने भी मेरे पब्लिक नंबर पर मैसेज किया, ये बहुत ख़ुशी की बात है.

हमने कोपरखैराने से लेकर मरीन लाइन्स तक Cheque इकट्ठा किए. सारे Cheque निकिता के नाम पर थे.

किसी ने भी हमसे इस पूरी कहानी के सुबूत नहीं मांगे. किसी ने ये नहीं कहा, 'वो सारे पैसे लेकर फ़रार हो गई तो?' सभी ने दिल खोलकर सहायता की.

आज हमने सारे Cheque निकिता को दे दिए.

हमने इतने पैसे इकट्ठा कर लिए हैं, कि निकिता की पढ़ाई पूरी हो सके और वो एक दमदार वकील बने सके. इसके साथ ही इस लड़की को भूखे नहीं सोना पड़ेगा.

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