साल की शुरुआत में ही मुंबई से एक बुरी ख़बर सामने आई. दरअसल, बीते गुरुवार को कमला मिल्स कॉम्प्लेक्स के रूफ़टॉप पर बने एक पब में आग लगने से करीब 14 लोगों ने दम तोड़ दिया. हालांकि, इस भयानक हादसे के बीच मुंबई पुलिस के एक कांस्‍टेबल ने 8 लोगों की ज़िंदगी बचा, 200 लोगों को मौत के मुंह के बाहर निकाल लिया.

सुदर्शन शिवाजी शिंदे नामक इस जांबाज़ कांस्टेबल ने जिस तरह अपनी जान पर खेल कर तमाम लोगों की ज़िंदगियां बचाई, वो बेहद काबिले-तारीफ़ है. वहीं घटना के वक़्त जब शिवाजी शिंदे लोगों को आग से बचाते हुए बाहर ला रहे थे, तभी एक फ़ोटोग्राफ़र ने इस पल को अपने कैमरे कैद लिया. तस्वीर में आप देख सकते हैं कि किस तरह कांस्टेबल कंधों में एक महिला को आग की लपटों से निकालकर पब से बाहर ला रहें हैं.

शिवाजी शिंदे के साहसी कार्य को देखते हुए, मुंबई पुलिस आयुक्त दत्तात्रेय पदललीकर और महापौर विश्ननाथ महादेववार ने कांस्टेबल की प्रशंसा की है. अपने काम से लोगों का दिल जीतने वाले शिंदे कहते हैं कि 'अच्छी बात है कि साल के पहले दिन मेरी प्रशंसा की गई, लेकिन मुझे इस बात का दुख है कि दुर्घटना में 14 लोगों की जान नहीं बचा सका.'

1 Above Resturent में लगी आग के कारण Mojo Bistro समेत कई ऑफ़िस और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं. बताया जा रहा है कि रेस्‍टोरेंट में अपना 29वां जन्मदिन मनाने पहुंची ख़ूशबू मेहता समेत 11 और महिलाओं ने अपनी ज़िंदगी गंवा दी. हादसे में मरने वालों की उम्र महज़ 20 से 30 साल थी. डॉक्टर्स का कहना है कि ज़्यादातर लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई है.

12 बजकर 30 मिनट पर जैसे ही कांस्टेबल शिंदे को वायरलेस पर आग की सूचना दी गई. वो बिना देर किए हुए तुरंत साथियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए. वहां एंबुलेंस, फ़ायर की गाड़ियां और पुलिस की कार पहले से ही खड़ी हुईं थी. साथ ही लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक,भयंकर आग के कारण काफ़ी दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा थी. इसीलिए शिंदे ने फ़ायरकर्मियों के साथ सीढ़ियों की मदद से कमला मिल्स की छत पर जाने का निर्णय लिया और लोगों की जान बचाने में जुट गए.

ऐसे हिम्मत वाले पुलिसकर्मी को सलाम!

Source : NDTV