बेशक अख़लाख़ और पहलु खान का मुद्दा अब ठंडा पड़ता हुआ दिखाई दे रहा हो, पर गाय के नाम पर होने वाली बहस कहीं कम होती नहीं दिखाई दे रही. रह-रह कर कभी केरल, तो कभी राजस्थान से इस मुद्दे पर कोई न कोई नया विवाद सामने आ ही जाता है. इन सभी विवादों के मुख्य केंद्र में मुस्लिमों को ही निशाना बनाया जाता है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक ख़बर के मुताबिक गाय के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रायपुर के रहने वाले मोहम्मद फैज़ खान एक पद यात्रा पर निकले हैं. खुद को गौ भक्त कहने वाले फैज़ ने इस पद यात्रा को 'गौ सेवा सद्भावना पदयात्रा' का नाम दिया है. इस पदयात्रा के दौरान फैज़, लेह से कन्याकुमारी तक 12 हज़ार किलोमीटर की यात्रा करेंगे, जिसमें से वो 130 दिनों में बनारस तक 2100 किलोमीटर का सफ़र पहले ही कर चुके हैं.

अपनी पदयात्रा के दौरान वो लोगों को गौ रक्षा, गाय की सेवा, उसका उपचार समेत कई चीज़ों के प्रति लोगों को जानकारी दे रहे हैं. फैज़ एक दिन में 20 से 25 किलोमीटर तक पैदल चलते हैं. इस यात्रा के बारे में उनका कहना है कि 'मैं साम्प्रदायिक सद्भाव का संदेश लोगों के बीच फैलाना चाहता हूं. गाय सिर्फ़ किसी ख़ास धर्म की नहीं, बल्कि समूची मानव जाति की मां समान है.' फैज़ आगे कहते हैं कि 'गौ रक्षा के नाम पर इंसानियत की हत्या बहुत दुखदाई है.'

फैज़ ने बताया कि उन्होंने अपनी यात्रा 24 जून को 'सिंधु दर्शन उत्सव' के दिन मुगलसराय से शुरू की थी. ये यात्रा दो चरणों में होगी, पहले में कश्मीर से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की यात्रा होगी. जबकि दूसरे चरण में कन्याकुमारी से अमृतसर की यात्रा की जाएगी. इस दौरान फैज़ गौ कथा और गाय की महत्वता पर भी बात करेंगे.