उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और अपने पति को तलाक दे दिया. शाजदा का कहना है कि मौलवी और उनका पति 'खुला' के लिए बात तक करने को तैयार नहीं थे. खुला के द्वारा मुस्लिम महिलाएं अपने पति से तलाक़ ले सकती हैं.

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शाजदा ख़ातून ने बताया कि वो चिट्ठी द्वारा तलाक़ लेना चाहती हैं, जिसे उन्होंने प्रेस कॉनफ़्रेंस में Sign किया. शाजदा ने कहा,

'ज़ुबेर अली ने मेरी ज़िन्दगी नर्क बना दी थी. 14 नवंबर, 2005 को हमारी शादी हुई थी. वो मुझे परेशान करता था और मैंने उसके खिलाफ़ शिकायत भी दर्ज कराई थी. लेकिन उससे भी कुछ नहीं हुआ.'

कुछ हफ़्तों पहले सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक़ को अंसवैधानिक घोषित किया था.

शाजदा पेशे से एक टीचर हैं और पिछले 18 महीनों से अपने पति से अलग रह रही हैं. 6 सितंबर को उन्होंने अपने पति, जो कि लखनऊ में ही एक मेकेनिक हैं, को एक चिट्ठी लिखकर तलाक़ मांगा.

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शाजदा ने कहा,

'मैं अकेले रहती हूं और कोई भी मुझे अपने पति के साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता. अगर किसी को कोई दिक्कत है तो वो कोर्ट जा सकता है.'

All India Muslim Personal Board के मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रांगा माहली ने कहा कि ऐसे खुला मंज़ूर नहीं की जा सकती. ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक़ को असंवैधानिक घोषित किया था.

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