हाल ही में हुए उत्तर प्रदेश चुनाव में बीजेपी ने ट्रिपल तलाक को मुख्य मुद्दा बनाया था. अब जब यूपी में बीजेपी की योगी सरकार बन गई है, तो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ट्रिपल तलाक से जुड़ी बहुत सारी अर्जियां पहुंच रही हैं. बीते दिनों सहारनपुर जिले की एक महिला ने भी ट्रिपल तलाक को ख़त्म करने के लिए मोदी को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि अब प्रधानमंत्री अपना वादा पूरा करें.

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गौरतलब है कि काफी समय से बीजेपी ट्रिपल तलाक नाम की इस कुप्रथा के विरोध में खड़ी है. हालांकि, ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. जहां मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ट्रिपल तलाक को ख़त्म नहीं करना चाहता है, वहीं अब मुस्लिम महिलाएं इस कुप्रथा के खिलाफ़ खुलकर सामने आ रही हैं. ऐसी ही एक महिला हैं शगुफ्ता शाह, जो सहारनपुर में रहती है, ने प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस प्रथा को समाप्त करने की गुहार लगाई है.

शगुफ्ता शाह ने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर उनसे 'तीन तलाक' को खत्म करने का निवेदन किया है. मैंने उनको वोट दिया है और मैं आशा करती हूं कि अब मुझे न्याय मिलेगा.' शगुफ्ता ने बताया कि उसे इसकी प्रेरणा सहारनपुर की निवासी और मित्र अतिया साबरी से मिली.

उसने पत्र में लिखा, 'मिस्टर प्रधानमंत्री, यह मेरी विनती है कि कृपया इस गरीब और असहाय महिला की मदद करें. मैं आपसे यह भी निवेदन करती हूं कि आप इस बात को आश्वस्त करें कि 'तीन तलाक' जैसी शैतानी इस्लामिक परंपरा खत्म हो, ताकि मुझ जैसी और अन्य पीड़ितों को न्याय मिल सके और हम एक सम्मानित जीवन जी सकें.'

अपने भावुक कर देने वाले पत्र में शगुफ़्ता ने बताया कि वो इस समय गर्भवती है और उसकी दो बेटियां भी हैं. लेकिन ससुराल वालों का अनुमान है कि तीसरी भी बेटी ही होगी. इसलिए मेरे ससुराल वाले उस पर दवाद बना रहे हैं गृभपात कराने के लिए. पर वो अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को मारना नहीं चाहती है. आगे उसने बताय कि जब उसने बच्चा गिराने से इनकार कर दिया, तो उसके ससुरालवालों ने उसे खूब मारा-पीटा और फिर उसके पति ने तीन बार तलाक़ बोलकर, उसे घर से बाहर फेंक दिया.

India Today की एक रिपोर्ट के अनुसार, शगुफ्ता ने ये भी बताया कि जब उसने पुलिस से इस मामले की शिकायत की, तो पुलिस थाने में उसकी FIR लिखने से भी मना कर दिया और उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई. इसलिए परेशान होकर और कहीं से कोई मदद न मिलने पर उसने मोदी जी को यह पत्र लिखा है. जिसमें उसने तीन तलाक को खत्म कराने और पेट में पल रहे अपने बच्चे की सुरक्षा की अपील की है.

उसने इस चिट्ठी में यह भी लिखा है कि इस प्रथा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाना चाहिए. वहीं, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि अगर तीन तलाक को अवैध साबित करने के लिए कानून बनाया गया तो यह अल्लाह के कानून को चुनौती देने की तरह होगा.