पिछले साल नवंबर महीने में देश की राजधानी दिल्ली में स्टील की बड़ी कड़ाही में 918 किलो खिचड़ी बनाकर भारत ने गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज़ किया था. इस खिचड़ी को शेफ़ संजीव कपूर ने बनाया था. इसी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नागपुर के एक शेफ़ ने एक बार में 3000 किलो खिचड़ी बनाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है.

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NDTV के अनुसार, मुंबई के नागपुर के शेफ विष्णु मनोहर ने 16 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विश्व खाद्य दिवस से पहले बीते रविवार को 3000 किलो खिचड़ी बनाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है.

शेफ़ मनोहर ने कहा,

'मैं विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रहा हूं. इसके पीछे मेरी भावना ये है कि मैं खिचड़ी को राष्ट्रीय व्यंजन के रूप में घोषित करना चाहता हूं. क्योंकि ये सबसे स्वस्थ और किफ़ायती व्यंजन है.'

कितनी सामग्री से बनीये खिचड़ी

नागपुर के चिटनीस पार्क स्टेडियम में इस खिचड़ी को बनाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया. 3000 किलो खिचड़ी को बनाने के लिए 275 किलो चावल, 125 किलो मूंग की दाल, 150 किलो चना दाल, 2000 लीटर पानी, 50 लीटर दही, 150 किलो अलग-अलग तरह की सब्जियां, 30 किलो हरा धनिया, 100 किलो देशी घी, 35 किलो नमक और 50 किलो मूंगफली के तेल का इस्तेमाल किया गया. इसके साथ ही शेफ़ मनोहर ने बताया कि खिचड़ी में प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया गया.

इस खिचड़ी को बनाने के लिए विशेष तौर पर 10x10 फ़ुट डायमीटर और 4 फ़ुट गहरी कड़ाही बनवाई गई थी. 700 किलो वज़न वाली ये कड़ाही स्टेनलैस स्टील की बनी हुई थी.

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कितना समय लगा 3000 किलो खिचड़ी बनने में?

3,000 किलो खिचड़ी को एक बार में बनाने के लिए रविवार की सुबह 5 बजे से तैयारी शुरू हुई, और 10 बजे तक खिचड़ी पूरी तरह से पक कर तैयार हो पाई. मतलब कि 3000 किलो खिचड़ी को तैयार करने में पूरे 5 घंटे का वक़्त लगा.

इस आयोजन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी भी मौजूद थे. उन्होंने विष्णु मनोहर को इस प्रयास के लिए बधाई दी.

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नितिन गडकरी ने कहा,

'मनोहर एक जाने-माने शेफ़ हैं और मैं उनको ये रिकॉर्ड बनाने के लिए बधाई देता हूं. वो भारतीय व्यंजन खिचड़ी को दुनियाभर में लोकप्रिय कर रहे हैं और इसके लिए में उनका धन्यवाद करता हूं. उन्होंने बहुत ही अच्छा काम किया है. मनोहर ने जो खिचड़ी बनाई, वो मसाला खिचड़ी थी, और वो बहुत स्वादिष्ट भी थी.'

गौरतलब है कि हमारे देश में खिचड़ी का अपना अलग ही महत्व है. देश के हर क्षेत्र में इसे लोग पसंद करते हैं. गुजरात, खानदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार आदि राज्यों में लगभग 80 प्रतिशत लोग खिचड़ी को मुख्य आहार में शामिल करते हैं.