हिन्दुस्तान में इन दिनों एक मुद्दे पर बड़ी बहस छिड़ी हुई है. देश का एक ढर्रा सिनेमाघर में राष्ट्रगान का पक्षधर है, जबकि एक ढर्रा इसका जम कर विरोध कर रहा है. आलम ये है कि जबान से शुरू हुई ये जंग आज सुप्रीम कोर्ट के चक्कर लगा रही है. आज राष्ट्रगान को लेकर, जहां ये हालात बने हुए हैं, वहीं इस मुद्दे पर चीन बहुत ही सख़्त दिखाई दे रहा है.

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स्टेट न्यूज़ एजेंसी Xinhua के मुताबिक, राष्ट्रगान का अपमान करने वाले लोगों से निपटने के लिए जुर्माने के साथ ही 15 दिन कैद को बढ़ा कर 3 साल जेल का प्रावधान कर दिया गया है. इस बाबत चीनी संसद में सितम्बर में एक बिल पेश किया गया था, जिस पर सभी मेंबर ने हामी भर दी है.

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संसद द्वारा पारित ये बिल Hong Kong और Macau जैसी चाइनीज़ टेरिटरीज़ पर भी लागू होगा. इस बिल के अनुसार राष्ट्रगान बजाने की अनुमति NPC सभाओं, संवैधानिक शपथ ग्रहण समारोहों, ध्वजारोहण समारोहों, बड़े आयोजनों और सार्वजनिक स्थानों पर बैकग्राउंड म्यूजिक के तौर पर राष्ट्रगान का इस्तेमाल किया जा सकेगा. चीन का राष्ट्रगान कवि तियान हान द्वारा लिखा गया है, जबकि इसका संगीत नीए एर ने दिया है.

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