एक तरफ़ जहां भारतीय सरकार देश के कोने-कोने में स्वच्छता अभियान पर ज़ोर दे रही है, वहीं गांवों कस्बों में आज भी कई लोग खुले में शौच करते हैं. लोगों की इसी आदत को सुधारने के लिए झारखंड सरकार ने एक नई तरकीब खोज निकाली है.

दरअसल, झारखंड के हजारीबाग ज़िले के कई घरों में शौचालय होने के बावजूद, लोग लोटा लेकर शौच के लिए बाहर जाते हैं, लोगों की इसी हरकत से तंग आ कर ज़िले के बड़कागांव प्रखंड की हरली पंचायत ने नई सोच के साथ, अनोखी पहल की शुरुआत की है. पंचायत के नए फ़रमान के अनुसार, अब जो भी व्यक्ति बाहर शौच करेगा, तो उसी वक़्त पंचायत द्वारा बनाई गई टीम का कोई मेम्बर वो फ़ोटो खींच कर पंचायत के WhatsApp ग्रुप पर वायरल कर देगा.

इतना ही नहीं, हर हफ़्ते पंचायत भवन में होने वाली मीटिंग में इन तस्वीरों को टीवी पर प्रज़ेंट कर, बैठक में शामिल लोगों को दिखाया जाएगा, जिससे शर्मिंदा होकर लोग ऐसी हरकत दोबारा न करें. इस साल 15 अगस्त को पंचायत को ODF (खुले में शौच से मुक्त) घोषित किए जाने के बाद भी लोगों ने खुले में शौच करना बंद नहीं किया.

ये पहल पंचायत के मुखिया महेंद्र महतो द्वारा शुरु की गई. वैसे पंचायत का ये अनोख़ा आईडिया काफ़ी कारगर साबित हो रहा है, जिसके परिणाम स्वरुप 6237 की आबादी वाले इस क्षेत्र में कम से कम 90 प्रतिशत लोगों ने शौचालय का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.

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इस काम के लिए बाकायदा तीन टीमों का गठन किया गया है. एक टीम का कार्य सुबह-शाम लोटा ले खुले में शौच करने जा रहे लोगों की तस्वीरें लेना है. वहीं दूसरी टीम का काम नदी और तालाब किनारे पहुंच कर, लाउडस्पीकर से आवाज़ लगाकर ग्रामीणों को खुले में शौच न करने की चेतावनी देना है.

इसके साथ ही तीसरी टीम का काम पहली और दूसरी टीम के कामों को देखना, उस पर नज़र रखना और लोगों को खुले में शौच करने से होने वाले नुकसान की जानकारी देना है.

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इन सब के बावजूद अगर कोई शख़्स खुले में शौच करते हुए पकड़ा जाता है, तो सख़्त कार्रवाई करते हुए सामाजिक टीम के आदेश के बाद ही डीलर द्वारा उन्हें राशन दिया जाएगा. इतना ही नहीं, अब तक पंचायत द्वारा तीन लोगों को सज़ा मिल चुकी है.

मुखिया महेंद्र महतो का कहना है कि लोगों को खुले में शौच जाने से रोकने के लिए पंचायत द्वारा उठाए गए कदम सफ़ल साबित हो रहे हैं.

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