60 वर्षीय दर-दर भटकती ये महिला अपनी 80 वर्ष गुमशुदा मां से मिलने के लिए तड़प रही है. ये दर्दभरा किस्सा भोपाल का है. 60 साल की ये महिला अपनी मां का पता लगाने के लिए, गुना से लेकर हबीबगंज तक पड़ने वाले करीब 33 रेलवे स्टेशनों की छानबीन कर चुकी है. पीड़ित महिला अपनी फ़रियाद लेकर रेलवे पुलिस के पास भी पहुंची, पर पुलिस ने उसकी फ़रियाद को सिरे से नकार दिया. हालांकि बाद में रेलवे पुलिस ने पीड़ित महिला को फ़ोन कर ख़ुद थाने बुलाया, इसके बाद उसकी बूढ़ी मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की.

मामले पर बात करते हुए हबीबगंज रेलवे पुलिस ने बताया, 'लापता 80 वर्षीय कस्तूरी बाई शिवनगर में अपने परिवार के साथ रहती हैं. वहीं उनकी 60 वर्षीय भूरी बाई नामक एक बेटी बागसेवनिया स्थित आदर्श नगर में अपनी फ़ैमली के साथ रहती है. बीते 2 अक्टूबर शाम करीब 4 बजे भूरी बाई अपनी मां के साथ गुना जाने के लिए हबीबगंज रेलवे स्टेशन पहुंची.'

इसके बाद भूरी बाई अपनी बूढ़ी मां को वेटिंग रूम में बिठा कर, टिकट काउंटर से टिकट लेने के लिए चली गईं. बताया जा रहा है कि इस दौरान एक ट्रेन आकर प्लेटफ़ॉर्म नंबर एक पर रूकी. वहीं टिकट लेने के बाद भूरी बाई मां को लेने के लिए प्रतीक्षालय पहुंची, तो उन्होंने देखा कि वो वहां मौजूद ही नहीं थी.

वेटिंग रूम में मां को न देख कर भूरी बाई को लगा कि शायद वो कुछ देर पहले आई ट्रेन में बैठ कर चली गई होगी. मां की तलाश में वो भी दूसरी ट्रेन में बैठ कर उसी दिन गुना पहुंच गई, लेकिन उन्हें वहां भी उनकी मां नहीं मिली. गुना में मां को न पाकर भूरी बाई थोड़ी सी घबरा गई और अगले ही दिन फिर मां की तलाश में चल दीं.

मां को ढूंढने के लिए भूरी बाई ने गुना से लेकर हबीबगंज तक पड़ने वाले हर स्टेशन को तलाशा, लेकिन फिर भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी. थक हार कर वो बीते 25 अक्टूबर को हबीबगंज स्टेशन लौट आईं. इसके बाद उन्होंने मां के खो जाने की बात अपने भाई अमरसिंह परिहार को बताई.

फिर बीते 27 अक्टूबर को दोनों भाई-बहन मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने के लिए GRP थाना हबीबगंज पहुंचे, लेकिन मौजूदा स्टाफ़ ने उन्हें भगा दिया. हालातों से मजबूर दोनों भाई-बहन इसके बाद शनिवार सुबह टीटी नगर थाने पहुंचे और अपनी आप बीती सुनाई. ASI एलआर धुर्वे ने उन्हें थाने पर बुलाकर कस्तूरीबाई की गुमशुगदी की रिपोर्ट दर्ज की.