कुछ फ़िल्में होती हैं जो 100 करोड़ क्लब का हिस्सा बनती हैं. कुछ 200 करोड़ क्लब में जाती हैं, कुछ 300 करोड़ तक आंकड़ा भी छूती हैं और फिर कुछ फ़िल्में होती हैं, जो देखने वालों के दिल और दिमाग़ तक जाती हैं.

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कहा जा रहा है 'मंटो' वैसी ही फ़िल्म होगी. लेखक साअदत हसन मंटो के जीवन पर आधारित इस फ़िल्म में मुख्य तौर उस हिस्से को रेखांकित किया गया है, जब 1948 की जंग के बाद मुश्किल हालातों में भी अपनी कलम की धार को भोथरा किए बिना मंटों ने अपनी बेटी और पत्नी का ख़्याल रखा.

मंटो का किरदार नवाज़ुद्दीन सिद्दिकी ने निभाया है. नवाज़ जो कि अब एक जाने-माने एक्टर हैं, जिनकी फ़ीस ऊंची हो चुकी है. नंदिता दास के इस प्रोजेक्ट के लिए नवाज़ ने मात्र 1 रुपया मेहनताना चार्ज किया, क्योंकि कुछ काम पैसों के लिए नहीं किए जाते.

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IANS को दिए अपने बयान में डायरेक्टर नंदिता दास कहती हैं, 'ये ऐसा किरदार था, जिसके लिए अदाकार को अपना सबकुछ दे देना पड़ता है, इसके लिए नवाज़ का नामात्र की फ़ीस चार्ज करना उनकी बड़प्पन है.'

उन्होंने आगे कहा, 'ऋषि कपूर और गुरदास मान पहली मलुाक़ात में ही मान गए थे, मैं बहुत लोगों के पास गई जिन्हें मैं जानती थी. अपनी गुडविल के इस्तेमाल से ज़रूरी कास्ट को इकट्ठा किया.'

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'जावेद अख़्तर को फ़िल्म का हिस्सा बनाना समझो, सोने पे सुहागा था. मैंने सोचा कि ये बहुत दिलचस्प होगा जब मंटो का बचाव एक प्रगतिवादी लेखक करेगा. आप जावेद अख़्तर को 'मंटो' में एक नए अवतार में देखेंगे.'

आपको बता दें कि जावेद अख़्तर फ़िल्म में मंटो के वकील की भूमिका में होंगे. मंटो 21 सितंबर को रिलीज़ हो रही है.