चाहे सरहद पर खड़े होकर देश की सुरक्षा करने का मामला हो या प्राकृतिक आपदा के समय देशवासियों की मदद करने की कहानी. इंडियन आर्मी के जवान हर मौके पर देश के साथ खड़े हुए दिखाई देते हैं.

इंडियन आर्मी के जवानों को ये स्पिरिट अकादमी में ही ट्रेनिंग के दौरान दे दी जाती है, जिसे अकादमी से निकलने के बाद भी कोई जवान नहीं जवान भूलता. हाल ही में इस स्पिरिट का उदाहरण नेशनल डिफ़ेंस अकडेमी, पुणे में देखने को मिला, जहां कैडेट्स के लिए 12.5 किलोमीटर इंटर-स्क्वाड्रन क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन किया गया था.

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इस रेस में करीब 18 कैडेट्स ने हिस्सा लिया था. रेस के दौरान फ़ाइनल ईयर के कैडेट चिराग अरोड़ा ने देखा कि लगातार भागने के बाद उनका जूनियर देवेश जोशी चोटिल हो कर गिर गया. चिराग ने देवेश को नज़रअंदाज करने के बजाय उसे पीठ पर उठाया 55 मिनट तक दौड़ने के बाद रेस पूरी की.

स्पेशल फ़ोर्स के पूर्व ऑफ़िसर मेजर सुरेंद्र पूनिया ने जब इस वाकये को देखा, तो ट्विटर पर उसे शेयर किया, जिसके बाद लोगों ने जमकर चिराग के हौसले की तारीफ़ की.

सच में चिराग ने अपनी रौशनी से सारी इंसानियत को रौशन कर दिया.

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