महाराष्ट्र की एक 68 वर्षीय आजी को देखकर ये कहा जा सकता है कि बुढ़ापा भी इन्हें अपनी शर्तों पर जीवन जीने से नहीं रोक सकता. ये हम सभी के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण से कम नहीं हैं. इन आजी का नाम रेखा देवभंकर है और ये बुलढाणा ज़िले के खामगांव से 2200 किमी साइकिल चलाकर जम्मू के कटरा में माता वैष्णो देवी के पवित्र तीर्थ स्थल पर जा रही हैं.

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ट्विटर यूज़र रतन शारदा ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें महिला अपने अभियान की बात कर रही हैं. उन्होंने वीडियो को कैप्शन दिया, ‘एक 68 वर्षीय मराठी महिला, अकेले साइकिल से वैष्णो देवी जा रही हैं. खामगांव से 2200 किमी. माता की शक्ति #मातृशक्ति.’

न्यूज़पेपर पत्रिका के अनुसार, वो 24 जुलाई को खामगांव से चली थीं, रेखा अंधेरा होने पर रुक जाती हैं और वो लगभग 40 किमी प्रति दिन कवर करती हैं.

लोगों ने ट्विटर पर इनकी इच्छाशक्ति और साहस की सराहना की है.

इस वीडियो को अब तक 25 हज़ार से ज़्यादा लाइक्स और 6 हज़ार से ज़्यादा रीट्वीट मिल चुके हैं.

आपको हमारा नमन है, लेकिन एक बात ज़रूर पूछना चाहंगे, इतनी ताक़त आई कहां से?