कोरोनाकाल में अच्छे-अच्छों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है. इसकी वजह से कई लोग अपने रोज़गार को छोड़कर अपने घर जाने को मजबूर हो गए हैं. इनमें से एक हैं कलर्स के सुपर हिट सीरियल बालिका वधू के डायरेक्टर रामवृक्ष गौड़. कोरोना के समय फ़िल्म इंडस्ट्री की बदहाल होती स्थिति के चलते रामवृक्ष की भी आर्थिक स्थिति बहुत ख़राब हो गई. इसलिए उन्हें मुंबई से अपने गांव यूपी के आज़मगढ़ लौटना पड़ा. आज वो यहां सब्ज़ी बेचकर अपने परिवार का पेट भर रहे हैं.

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News18 के अनुसार, रामवृक्ष का कहना है,

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मैं एक फ़िल्म के लिए और बच्चों की परीक्षा दिलाने आजमगढ़ आया था. मैं यहां तब आ गया था जब लॉकडाउन की घोषणा की गई थी. इसलिए वापस जाना संभव नहीं हो पाया. लॉकडाउन की वजह से हमारे प्रोजेक्ट पर रोक लग गई. प्रोजेक्ट के निर्माता ने कहा, प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने में एक साल या उससे ज़्यादा भी लग सकता है. तब मैंने अपने पिता का काम करने का फ़ैसला लिया और सब्ज़ियां बेचना शुरू किया. मुझे यक़ीन है कि जल्द ही सबकुछ बेहतर हो जाएगा.

आपको बता दें, रामवृक्ष, अपने दोस्त और लेखक शाहनवाज़ ख़ान की मदद से 2002 में मुंबई आए थे. वो 25 से ज़्यादा टीवी सीरियल्स में काम कर चुके हैं. इनमें बालिका वधू, कुछ तो लोग कहेंगे और सुजाता जैसे सुपरहिट सीरियल शामिल हैं. इसके अलावा वो राजपाल यादव, यशपाल शर्मा, मिलिंद गुणाजी, सुनील शेट्टी और रणदीप हुड्डा की फ़िल्मों में सहायक निर्देशक के तौर पर काम कर चुके हैं.