जो नेता कभी चौराहों पर खड़े होकर जनता के हालात बदलने के दावे करते थे, वो कुर्सी पर बैठने के बाद ख़ुद के हालात बदलने में लग जाते हैं. सत्ता की चाशनी से चिपकी उनकी आंखों को अच्छे और बुरे का अंतर दिखना ही बंद हो जाता है. ऐसे नेताओं के लिए भ्रष्टाचार सरकार चलाने का एक तरीक़ा बन जाता है. 

हालांकि, जब भ्रष्टाचार के मामले खुलते हैं, तो देश की न्याय व्यवस्था बड़े से बड़े नेता को भी बख़्शती नहीं है. आज हम आपको ऐसे ही दिग्गज नेताओं के बारे में बताएंगे, जो मुख्यमंत्री जैसे बड़े पद पर रहे. मगर भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी.

1. जयललिता

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जयललिता, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री और विपक्ष की नेता बनने वाली पहली महिला थीं. वो जितना जनता में लोकप्रिय थीं, उतना ही विरोधियों को नापसंद. सितंबर 2014 में जयललिता को आय से अधिक संपत्ति (क़रीब 63 करोड़ रुपए) के मामले में दोषी पाया गया और सौ करोड़ के जुर्माने के साथ चार साल की सज़ा हुई. 

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2. ओम प्रकाश चौटाला

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हरियाणा में 1999-2000 के दौरान 3,032 लोगों को अध्यापक के तौर पर भर्ती किया गया था. आरोप था कि इनमें से हर एक से तीन से चार लाख रुपये की रिश्वत ली गई थी. ये घोटाला ओम प्रकाश चौटाला के कार्यकाल में हुआ था. दिल्ली की एक अदालत ने जनवरी 2013 में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे समेत 53 लोगों को शिक्षकों की अवैध नियुक्ति के मामले में दोषी क़रार दिया. पूर्व सीएम चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को 10-10 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.

3. मधु कोड़ा

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मधु कोड़ा 2006 में महज़ 35 साल की उम्र में झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे. वो 23 महीने तक सीएम रहे, मगर अगस्त, 2008 में झामुमो के समर्थन वापसी से मधु कोड़ा की कुर्सी छिन गई. फिर मधु कोड़ा को आय से अधिक संपत्ति के मामले में 30 नवंबर, 2009 को ईडी ने गिरफ़्तार कर लिया. इस मामले में उन्हें तीन साल की जेल और 25 लाख का जुर्माना हुआ.

4. जगन्नाथ मिश्रा

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तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे जगन्नाथ मिश्रा भी जेल जा चुके हैं. पूर्व सीएम को चारा घोटाले के सिलसिले में जेल जाना पड़ा था. वे चाइबासा कोषागार से 37.7 करोड़ रुपए निकालने के मामले में दोषी पाए गए थे. बता दें, जब इस मामले में उन्हें अभियुक्त बनाया गया था, तब वो विधानसभा में विपक्ष के नेता थे. साथ ही, जगन्नाथ मिश्रा बिहार के आख़िरी कांग्रेसी मुख्यमंत्री भी रहे हैं. उनका आख़िरी कार्यकाल 1989 से 1990 तक का था. 

5. लालू प्रसाद यादव

Lalu yadav
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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव को भी चारा घोटाले के सिलसिले में जेल जाना पड़ा है. वो भी कोषागार से 37.7 करोड़ रुपए निकालने के मामले में दोषी पाए गए थे. वैसे लालू यादव कई बार जेल जा चुके हैं, लेकिन आख़िरी बार 2017 में जेल गए थे. बता दें, इसी साल अप्रैल में कोर्ट ने लालू को सशर्त ज़मानत दी है.