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ऊपर दिखाई गई फ़ोटो किसी का भी दिल पिघला देगी, क्योंकि इस फ़ोटो में एक छोटा बच्चा एक कुत्ते के साथ फ़ुटपाथ पर सोया हुआ है. पिछले 2-4 दिन से ये फ़ोटो सोशल मीडिया पर घूम रही है. लोग इस फ़ोटो को ख़ूब शेयर कर रहे हैं. ये फ़ोटो मुज़फ़्फ़रनगर की है और किसी फ़ोटो जर्नलिस्ट ने इसे क्लिक करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. ये तो हो गई फ़ोटो की बात, अब आपको इस फ़ोटो वाले बच्चे की भावुक कर देने वाली कहानी भी बताते हैं.

जैसा कि हमने बताया कि ये फ़ोटो मुज़्ज़फ़रनगर की है. इस फ़ोटो में दिख रहे बच्चे का नाम अंकित है और वो मात्र 9-10 साल का है. उसके डॉगी का नाम जैकी है. और ये दोनों ही एक-दूसरे के साथी हैं. बच्चे के पिता जेल में हैं और उसकी मां ने उसको अकेले दर-बदर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ दिया है. अब ये मासूम फ़ुटपाथ पर रहने को मजबूर हो गया. मासूम अंकित एक चाय की दुकान पर काम करता है और उस काम के बदले में मिले पैसों से अपना और अपने कुत्ते जैकी का पेट भरता है.

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर फ़ोटो वायरल होने के बाद मुज़्ज़फ़रनगर के SSP अभिषेक यादव ने बच्चे को ढूंढने के लिए एक अलग पुलिस टीम बनाई थी.

बच्चे ने पुलिस को बताया कि 'मुझे बस इतना पता है कि मेरे पापा जेल में हैं और जब मैं आठ साल का था तभी मेरी मां मुझे छोड़कर चली गई.' बच्चे ने ये भी बताया कि मैं शिव चौक पर रहता हूं, रोज़ रात को यहीं सोता हूं और सुबह उठकर चाय की दुकान पर प्लेट धोता हूं और छोटे-मोटे काम करता हूं और रात में खाना खाकर फिर यहीं आकर सो जाता हूं.' 

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TOI की रिपोर्ट के अनुसार, चाय की दुकान के मालिक ने बताया कि जब तक अंकित यहां काम करता है, उसका कुत्ता जैकी यहीं बैठा रहता है. दुकानदार ने कहा कि अंकित कोई भी चीज़ मुफ़्त में नहीं लेता है न ही अपने लिए और न ही अपने डॉगी के लिए. वो बहुत ही मेहनती और खुद्दार है.

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SSP अभिषेक यादव ने बताया कि 'अंकित फिलहाल मुज़्ज़फ़रनगर ज़िला प्रशासन की देख-रेख में हैं. अंकित के मां-बाप की तलाश जारी है. हमने ज़िले के महिला और बाल विकास डिपार्टमेंट को भी इस बारे में सूचित कर दिया है.'

वहीं, शहर के एसएचओ, अनिल कपरवाण ने कहा कि अंकित अपनी ज़िन्दगी की नई शुरुआत कर सके इसलिए उसे एक प्राइवेट स्कूल में भेजा जाएगा.