मध्यप्रदेश का इंदौर शहर इन दिनों में कोरोनो वायरस के चलते बुरी तरह से जूझ रहा है. इस बीच शहर की सुनसान सड़कों पर 2 करोड़ की Porsche से फ़र्राटा भरना एक शख़्स को महंगा पड़ गया.   

दरअसल, इंदौर निवासी 20 वर्षीय संस्कार दरयानी शहर की खुली सड़कें देख अपनी लग्ज़री कार से फ़र्राटा भरने लगा. इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस वालों की नज़र जब इस पर पड़ी तो वो मास्क लगाए बिना ही कार चला रहा था. इसके बाद पुलिस ने कार रोककर इससे कान पकड़कर ऊठक-बैठक लगवाई. 

20 वर्षीय संस्कार दरयानी इंदौर के बड़े बिज़नेसमैन दीपक दरयानी का बेटा है. दीपक दरयानी इंदौर की जानी-मानी 'आशा कन्फेक्शनरी' के मालिक हैं. 

इस दौरान दीपक दरयानी का कहना था कि उनका बेटा संस्कार घूमने नहीं, बल्कि ग़रीबों और पुलिस थानों में फ़ूड पैकेट बांटने गया था. इस दौरान उसके पास 'कर्फ़्यू पास' और 'ड्राइविंग लाइसेंस' भी था. बावजूद इसके पुलिस ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया. 

इस दौरान दीपक ने कहा कि 'मैं भोजन के फ़ूड पैकेट देने के बाद घर वापस लौट रहा था. इस बीच शहर के चौराहे पर पुलिस ने मेरी कार रोक दी. इस दौरान मैंने उन्हें फ़ूड पैकेट बांटकर आने की बात कहीं और अपना 'कर्फ़्यू पास' भी दिखाया, लेकिन वो मुझे गलियां देने लगे और दुर्व्यवहार करने लगे. यहां तक कि मुझसे कान पकड़कर उठक-बैठक भी लगवाई'. 

दीपक दरयानी ने इस संबंध में नागरिकों के ख़िलाफ़ यातायात कानून का ग़लत इस्तेमाल करने और उनके बेटे को दंडित करने के लिए पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है.