भारतीय रेलवे की ओर से अक्सर यात्रियों की सुविधा के लिए कई ट्रेनें चलाई जाती हैं. इनमें से कुछ ट्रेन सुर्खियां बटोरती हैं तो कुछ कॉन्ट्रोवर्सी क्रिएट करती हैं. इसी कड़ी में एक ट्रेन है रामायण सर्किट ट्रेन, जो अपने ख़ास ड्रेस कोड की वजह से चर्चा में बनी थी, लेकिन आपत्ति जताने के बाद इस ड्रेस कोड को बदल दिया गया है. ख़ैर, इन सब बातों के अलावा इस ट्रेन की ख़ासियत पर नज़र डालते हैं और जानते हैं आख़िर ये ट्रेन किस तरह से ख़ास है और इसमें कैसे ट्रैवल किया जा सकता है?

First Ramayana circuit train departed from Delhi
Source: financialexpress

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ड्रेस पर क्यों मचा था बवाल?

दरअसल, इस ट्रेन में जो लोग यात्रियों को सर्विस देते हैं उन्हें एक थीम ड्रेस पहनाई गई थी, जिसमें पीला कुर्ता, लाल धोती और सिर पर पगड़ी थी. ये पोशाक देखने में धार्मिक पोशाक जैसी लग रही थी, जिसपर उज्जैन के साधु-संतों ने आपत्ति जताते हुए कहा,

इस तरह की पोशाक हिंदू धर्म का अपमान है और अगर इस ड्रेस को जल्द ही बदला नहीं गया तो वो 12 दिसंबर को दिल्ली में ट्रेन को रोकेंगे.
 An innovative effort by Indian Railways
Source: jansatta

हालांकि, विवाद के बाद ही ‘इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (IRCTC) ने ट्वीट किया, 

अब ट्रेन के हेल्पर्स की ड्रेस भगवा नहीं होगी और इसे बदलकर परंपरागत कर दिया गया है क्योंकि साधु-संतों का कहना था कि भगवा पोशाक और रुद्राक्ष की माला में लोगों को सर्विस देना हिंदू धर्म और उनके संतों का अपमान है.
IRCTC’s Shri Ramayana Yatra tour package is for 16 Nights / 17 Days
Source: aajtak

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रामायण सर्किट ट्रेन क्या है और कैसे चलेगी?

रामायण सर्किट ट्रेन आम ट्रेनों से बहुत अलग है. इसमें आप पैकेज के ज़रिए भगवान राम से जुड़े 15 स्थलों पर घूम सकते हैं. इस दौरान यात्रियों के लिए खाने और पीने के अलावा हर ज़रूरी सुविधा का इंतज़ाम ट्रेन में ही होता है. ये अपनी लग्ज़री सर्विस के लिए जानी जाती है.

 occupancy for child without bed costs Rs 72,040.
Source: india

दिल्ली से शुरू होने वाली ये ट्रेन कुल 7500 किलोमीटर तक जाएगी, जिसमें राम जन्मभूमि मंदिर से शुरू होने के बाद ये ट्रेन रामजानकी मंदिर, भरत मंदिर, जानकी जन्मस्थान, हनुमान मंदिर, हनुमान जन्म स्थल, श्रृंगवेरपुर, सीता समाहित स्थल, चित्रकूट, काशी के प्रसिद्ध मंदिर, प्रयाग, पंचवटी, रामेश्वर का शिव मंदिर, त्रयंबकेश्वर से होते हुए आख़िर में धनुषकोडी तक पहुंचेगी.

a full dose of Covid-19 vaccination is mandatory
Source: news18

आपको बता दें, ट्रेन में दिए जाने वाले पैकेज में आपको क्या-क्या मिलेगा? इस पैकेज में एसी फ़र्स्ट क्लास की क़ीमत 1,02,095 रुपये है और सेकेंड एसी के पैकेज की क़ीमत 82,950 रुपये है. इसमें ट्रेन की यात्रा के अलावा, लग्ज़री होटल में रुकने की सुविधा, खाना, एसी बस की सुविधा, लाइब्रेरी और ट्रैवल इंश्योरेंस शामिल है.