जिस तालिबान ने अमेरिका के जाते ही अफगानिस्तान पर नियंत्रण कर लिया है, उसका नेतृत्व छह लोगों के हाथ में है. जानिए, कौन हैं ये लोग...

1. हैबतुल्लाह अखुंदजादा

इस वक्त तालिबान का सुप्रीम लीडर है हैबतुल्लाह अखुंदजादा. 2016 में मुल्लाह मंसूर अख्तर के एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने के बाद उसे नेतृत्व मिला था. उससे पहले वह पाकिस्तान के कुलचक शहर में एक मस्जिद में मौलवी था. तालिबान में अखुंदजादा का कहा ही पत्थर की लकीर होता है.

हैबतुल्लाह अखुंदजादा
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2. मुल्ला अब्दुल गनी बरादर

मुल्ला अब्दुल गनी बरादर (दाएं) तालिबान के संस्थापकों में से है. कतर में तालिबान की निर्वासित सरकार का अध्यक्ष वही था और अमेरिका के साथ शांति वार्ता में शामिल रहा. 2010 में पश्चिमी सेनाओं ने उसे पकड़ लिया था लेकिन 2018 में छोड़ दिया गया.

मुल्ला अब्दुल गनी बरादर
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3. सिराजुद्दीन हक्कानी

बड़े कमांडर जलालुद्दीन हक्कानी का बेटा सिराजुद्दीन हक्कानी शक्तिशाली हक्कानी नेटवर्क का प्रमुख है. यही संगठन अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर सक्रिय है और तालिबान की आर्थिक और सैन्य संपत्तियों की देखरेख करता है. हक्कानी इस वक्त संगठन का उप प्रमुख भी है.

सिराजुद्दीन हक्कानी
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4. शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई

स्तानिकजई पिछले करीब एक दशक से दोहा में रह रहा है. उसे पाकिस्तानी सेना और आईएसआई से प्रशिक्षण मिला है. 1996 में वह क्लिंटन प्रशासन से तालिबान की तत्कालीन सरकार को मान्यता दिलाने के प्रयास में अमेरिका भी गया था.

शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई
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5. मुल्ला मोहम्मद याकूब

मोहम्मद याकूब तालिबान के संस्थापक मुल्ला मोहम्मद उमर का बेटा है. उसका काम संगठन के सैन्य अभियान को देखना है. माना जाता है कि उसकी उम्र 31 साल है. 2020 में उसे संगठन का सैन्य प्रमुख बनाया गया था. उसे उदारवादी गुट का माना जाता है, जिसने अमेरिका से बातचीत की.

मुल्ला मोहम्मद याकूब
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6. अब्दुल हकीम हक्कानी

तालिबान के शांतिवार्ता दल का प्रमुख अब्दुल हकीम हक्कानी 2001 से पाकिस्तान के क्वेटा में रहा. उसे सितंबर 2020 में अफगानिस्तान में हो रही बातचीत के लिए नियुक्त किया गया. वह तालिबान के न्याय विभाग का प्रमुख है.

अब्दुल हकीम हक्कानी
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जिस तालिबान को हराने के लिए अमेरिका ने 20 साल जंग लड़ी, आज वह अफगानिस्तान पर काबिज है. 

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