NASA ने 2020 के आख़िरी फ़ुल मून की तस्वीर 30 दिसंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है. साल के आख़िर में दिखाई देने वाले इस चांद को वुल्फ़ मून कहा जाता है. ये ख़ूबसूरत तस्वीर शेयर करते हुए नासा ने इसके नाम के पीछे की कहानी भी लोगों के साथ शेयर की है. 

NASA इस फ़ोटो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा-'आह…ओह! साल का अंत वुल्फ़ मून के साथ हो रहा है.'

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Source: zdnet

अमेरिकन स्पेस एजेंसी ने ये तस्वीर 30 दिसंबर को शेयर की थी. साथ में उन्होंने ये भी बताया कि ये फ़ूल मून तीन दिनों तक रहेगा. मतलब आप इसका दीदार 1 जनवरी तक कर सकते हैं. 

इसके साथ नासा ने इस फ़ूल मून को वुल्फ़ मून क्यों कहा जाता है इसके बारे में भी बताया है. दरअसल, अलग-अलग संस्कृतियों में पूरे साल के प्रत्येक फ़ूल मून को विशेष नाम दिए जाते हैं. ये अकसर उस वक़्त जो प्रकृति में घट रहा होता है उससे संबंधित होते हैं.

वुल्फ़ मून नाम इसे पूर्वी और उत्तरी अमेरिका में रहने वाली Algonquin जनजाति ने दिया था. क्योंकि सर्दियों के दौरान खाना ढूंढ़ते भेड़िए चिल्लाते हुए गांवों में घूमते रहते हैं. यही नहीं इसे 'आइस मून' और 'कोल्ड मून' भी कहा जाता है. क्योंकि ये दिसंबर की सर्द रातों में दिखाई देता है.  

इंस्टाग्राम पर ये फ़ोटो जमकर वायरल हो रही है. लोग इसे जमकर लाइक और शेयर कर रहे हैं. आप भी अपने दोस्तों से इसकी तस्वीर शेयर कर वुल्फ़ मून के नाम के पीछे की स्टोरी उनसे ज़रूर शेयर करना.