ओडिशा के रहने वाले शोएब आफ़ताब ने देश की प्रतिष्ठित परीक्षा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2020 में टॉप किया है. शोएब आफ़ताब ने परीक्षा में बैठने वाले क़रीब 15 लाख छात्रों का तो पछाड़ा ही साथ ही सर्वाधिक 99.99 फ़ीसदी अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है. परीक्षा में 720 में से 720 अंक हासिल करने वाले शोएब के पिता एक बिज़नेसमैन हैं, जबकि मां हाउस वाइफ़. 

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NEET एग्ज़ाम को क्लियर करना तो महज़ एक शुरुआत है, शोएब का सपना तो डॉक्टर बनकर दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज तलाशना है. उनका कहना है कि वो एमबीबीएस की पढ़ाई करना चाहते हैं और आगे कार्डियोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल कर दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज ढूंढना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें रिसर्च में काफ़ी दिलचस्पी है.

शोएब ने एंट्रेस एग़्ज़ाम की तैयारी कोटा में की है. इसके लिए वो अपनी मां और छोटी बहन के साथ कोटा में ही एक किराए के घर पर रहे. 18 वर्षीय शोएब ने बताया कि डॉक्टर बनना उनका सपना था, जिसे पूरा करने में उनका पूरा परिवार हर वक़्त साथ देता है.

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शोएब शुरुआत से ही एक होनहार स्टूडेंट रहे हैं. उन्होंने अपनी NEET की तैयारी के साथ क्साल 12 के परिणामों में 95.8 अंक प्राप्त किए, जबकि क्लास 10 में उन्हें 96.8 प्रतिशत अंक मिले. इसके साथ ही ओडिशा के इस लड़के को KVPY परीक्षा में 37 वीं रैंक मिली. 

अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए शोएब ने कहा कि लॉकडाउन ने उनकी मदद की क्योंकि इससे उन्हें तैयारी के लिए अधिक समय मिला. 

‘लॉकडाउन के दौरान मैंने परीक्षा की तैयारी बंद नहीं की. मैंने इसे अपनी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया. मैंने अपनी कमियों पर काम किया. मैंने उन विषयों को बार-बार दोहराया, जिनमें मैं कमज़ोर था.’  

                    - शोएब आफ़ताब

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हालांकि, उनका मानना है कि उनके धैर्य ने उन्हें NEET को क्रैक करने में मदद की.

‘क्लास में पूरा ध्यान देने और हर रोज़ होमवर्क करने से मुझे मदद मिली. मैंने तीनों ही विषयों पर एक समान ध्यान दिया, जिसने मेरे फ़ेवर में काम किया.’

                    - शोएब आफ़ताब

बता दें, उत्तर प्रदेश की अकांक्षा सिंह भी ने शोएब आफ़ताब के बराबर 720 स्कोर किया है लेकिन उन्हें दूसरी रैंक से संतोष करना पड़ा. दरअसल,अकांक्षा की उम्र शोएब से कम होने के कारण उन्हें रैंक-2 हासिल हुई है.