अपनी पोस्ट का इस्तेमाल कर, दूसरों को सताने और काम निकलवाने की पुलिस की छवि आपने फ़िल्मों में बहुत देखी होगी. मुफ़्त में राशन, खाना, आवाजाही लेने वाले पुलिसकर्मियों को हमने बड़े पर्दे पर कई बार देखा है.


रियाल लाइफ़ में भी कई बार ऐसा होता ही है, बस कोई कुछ कहता नहीं. इस सूरत को बदलने की कोशिश की है गाज़ियाबाद के कुछ दुकानदारों ने.

रिपोर्ट्सके मुताबिक़, गाज़ियाबाद के Association of Food Operators के प्रेसिडेंट, अनिल कुमार गुप्ता ने चिट्ठी लिखकर पुलिसवालों की मुफ़्तख़ोरी का पर्दाफ़ाश किया है.

Source: Amar Ujala
दिवाली के आ-पास ज़िले के सभी थानों के स्टेशन हाउस ऑफ़िसर ने होटल और रेस्टोरेंट वालों के साथ मीटिंग की और कहा कि अतिक्रमण और पार्किंग वायलेशन करने पर सख़्त कदम उठाए जाएंगे. इसके एक दिन बाद ही दुकानदारों को हर पुलिस स्टेशन के पुलिसवालों से 100 और उससे ज़्यादा मिठाई के डब्बे और ड्राइ फ़्रूट्स के पैकेट के लिए फ़ोन आने लगे'

- अनिल कुमार गुप्ता

ज़िला गाज़ियाबाद में 17 थाने हैं. The Association of Food Operators का कहना है कि हर पुलिस अफ़सर का 1-1.5 लाख का बिल बाक़ी है. प्रेसिडेंट गुप्ता ने बताया कि पुलिसवालों ने बिल चुकाने की बात की थी, लेकिन बाद में अतिक्रमण और पार्किंग वायलेशन का हवाला देकर डराने-धमकाने लगे. अनिल ने ये भी बताया कि पुलिसवाले दोस्त-रिश्तेदार के साथ आते, खाना खाते पर कभी बिल नहीं भरते.

रेस्टोरेंट और होटल के मालिकों को हर लेवल पर पुलिस परेशान करती है. जब भी वो खाना मंगाते हैं, दाम आधा करने ये फ़्री कर देने की मांग करते हैं.

- अनिल कुमार गुप्ता

अनिल का ये भी कहना है कि सिर्फ़ पुलिस ही नहीं, फ़ायर ऑफ़िसर भी रेस्टोरेंट और होटल द्वारा बिल भरने की बात किए जाने पर Fire NOC को रोक देने की धमकी देते हैं.

Source: ANI

गाज़ियाबाद SSP, सुधीर कुमार सिंह ने शिकायत पर ग़ौर करते हुए कहा,

'सीनियर अफ़सर द्वारा जांच की जाएगी. हमें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है पर हमने सभी स्टेशन हाउस अफ़सर से पैसे चुकाने को कह दिया है. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी.'

उम्मीद है पुलिसवाले ईमानदारी के साथ सारा पैसा चुका देंगे!