लॉकडाउन के इन दिनों में समाज के ग़रीब तबके को खाने-पीने की दिक्कत न हो इसलिए तमाम लोग और संस्थाएं उन्हें भोजन पहुंचाने के काम में जुटे हैं. मगर इस बीच समाज के एक तबके के बारे में कोई नहीं सोच रहा है. ये तबका है ट्रांसजेंडर्स(किन्नर) का. वर्षों से इनके साथ भेद भाव होता आ रहा है और कोरोना वायरस ने तो इनको बहुत ही दयनीय स्थिति में पहुंचा दिया है.

deccanherald

इनके कमाने का ज़रिया ख़त्म हो गया है, क्योंकि लॉकडाउन के चलते ये बाहर काम करने(भीख मांगना) नहीं जा सकते. ऐसे में ये समुदाय दाने-दाने को मोहताज है. संकट की इस घड़ी में इनका साथ एक होटल ने दिया है.

ललित ग्रूप नाम के होटल चेन के कर्मचारी ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों तक राशन पहुंचा रहे हैं. ये पूरे देश में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों का पता लगाकर उन तक खाना पहुंचाने का नेक काम कर रहे हैं. इस नेक पहल की शुरुआत सबसे पहले Keshav Suri Foundation ने की थी. ये संस्था LGBTQIA+ के लोगों को इस महामारी से बचाने और उनकी हर संभव मदद करने के प्रयास में जुटी है.

सोशल मीडिया पर लोग इनकी जमकर तारीफ़ कर रहे हैं:

वहीं दूसरी तरफ बरेली और प्रयाग में ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के कुछ लोग दिहाड़ी मज़दूरों को अपने पैसे से खाना खिला रहे हैं. इन लोगों ने ग़रीब मज़दूरों की हालत को देखते हुए स्वयं ही मदद के हाथ आगे बढ़ाए हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक सिर्फ़ केरल सरकार ने ही अपने राज्य में ट्रांसजेंडर समुदाय की हेल्प की है. लॉकडाउन के इन दिनों में राज्य सरकार उन्हें अस्थाई निवास और भोजन प्रदान कर रही है.

उम्मीद है इनसे सबक लेते हुए देश के अन्य राज्यों की सरकारें भी इस समुदाय की मदद के लिए आगे आएंगी. 


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