जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से CAA-NRC के ख़िलाफ़ शुरू हुआ प्रदर्शन देखते-देखते देश के 25 विश्वविद्यालयों में फैल गया. शुक्रवार को बेंगलुरु के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के छात्र भी CAA-NRC के ख़िलाफ प्रदर्शन करने को तैयार थे लेकिन कॉलेज मैनेजमेंट ने उन्हें प्रोटेस्ट में भाग लेने से रोक दिया.

शहर में धारा 144 लागू होने की वजह से IIM के छात्र और शिक्षकों ने गेट के बाहर पोस्टर और जूते रख कर अपना विरोध दर्ज कराया.

प्रदर्शन में हिंसा की गुंजाइश को देखते हुए उत्तरप्रदेश में धारा 144 पूरी तरह से लागू कर दी गयी है और कुछ इलाकों में इंटरनेट भी बंद है.

कल रामपुर में हुए प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और प्रदर्शनकारी पुलिस की गाड़ियों पर पथराव करने लगे. जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठी चार्ज करना पड़ा.

गुरुवार से अब तक केवल उत्तरप्रदेश में हिंसा की वजह से 13 लोगों की मौत हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब तक इस आंदोलन के दौरान देश में कुल 20 लोगों की मौत हुई है.

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चेन्नई में पुलिस ने सिटी सेंट्रल स्टेशन के पास 200 छात्रों को हिरासत में लिया है, वो नए क़ानून का विरोध करने के लिए ट्रेन रोकने की कोशिश कर रहे थे.

कल शाम भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर ने दिल्ली के जामा मस्जिद से जंतर मंतर तक मार्च का आह्वान किया था. हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतर कर धारा 144 के आदेश का उल्लंघन किया.

पुलिस ने दिल्ली गेट के पास प्रदर्शनकारियों को रोका, हिंसा भड़कने के बाद लोगों ने सड़क पर खड़ी प्राइवेट गाड़ी जला दी और पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हुई. सूत्रों के अनुसार 36 पुलिस वाले और प्रदर्शनकारियों को लोकनायक अस्पताल में भर्ती किया गया है.

वरोध प्रदर्शन को देखते हुए मध्यप्रदेश के भी कई ज़िलों में कर्फ्यू लगाया गया और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई. देशभर में हो रहे आंदोलन को देखते हुए मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने राज्य के 52 में से 50 ज़िलों में धारा 144 लागू कर दी थी.