MX Player पर Bhaukaal 2 रिलीज़ हो चुकी है. अपनी दिलचस्प कहानी और एक्टर्स की शानदार परफ़ॉर्मेंस के चलते इसे फ़ैन्स का जमकर प्यार मिल रहा है. इस Web Series में मोहित रैना ने नवीन सिकेरा का क़िरदार निभाया है. मगर हम आज आपको UP पुलिस के उस IPS ऑफ़िसर और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट नवनीत सिकेरा (Navniet Sekera) की कहानी बताएंगे, जिनकी ज़िंदगी पर ये सीरीज़ बेस्ड है.

Navniet Sekera
Source: langimg

ये भी पढ़ें: मुन्ना बजरंगी: यूपी का वो माफ़िया डॉन, जो पुलिस की 11 गोली खाकर भी जिंदा बच गया था

कौन हैं IPS नवनीत सिकेरा?

IPS नवनीत सिकेरा उत्तर प्रदेश कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के रूप में काम कर रहे हैं. साल 1971 में इनका जन्म एटा जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था. एक मिडिल क्लास किसान परिवार में पले-बढ़े थे. एक छोटे से हिंदी मीडियम स्कूल में पढ़ाई की. मगर उनका रूझान हमेशा पढ़ाई में रहा. 

अंग्रेज़ी बनी राह का रोढ़ा, मगर सिकेरा ने हौसला न छोड़ा

12वीं के बाद नवनीत सिकेरा दिल्ली पढ़ने गए. वो हंसराज कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते थे. मगर उन्हें फ़ॉर्म तक नहीं मिला. वजह थी कि उन्हें अंग्रेज़ी नहीं आती थी और एक क्लर्क ने सबके आगे उन्हें वहां से जाने को बोल दिया. उसने जेब से 2 रुपये निकाले और कहा बस पकड़कर घर चले जाओ. इस बात से उन्हें काफ़ी तकलीफ़ पहुंची, मगर उन्होंंने हार नहीं मानी. 

IPS
Source: langimg

इसके बाद उन्होंने किताबें ख़रीदी और देश के सबसे मुश्किल एग्ज़ामों में से एक IIT क्रैक कर दिया. IIT रूढ़की में उनका एडमिशन हो गया. यहां उन्होंने सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. कॉलेज के दौरान ही उन्होंने अपनी पर्सनैलिटी पर भी काम किया. 

कैसे एक इंजीनियर बन गया IPS?

नवनीत सिकेरा का परिवार मिडिल क्लास ही था. किसी तरह उन्हें पढ़ाया गया. मगर इंजीनियरिंग के बाद कुछ ऐसा हुआ, जिसने एक इंजीनियर लड़के को देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरी में आने के लिए प्रेरित कर दिया. दरअसल, उनके पिता ने अपनी जमा-पूंजी से एक ज़मीन ख़रीदी थी, जिस पर कुछ गुंडों ने कब्ज़ा कर लिया.

नवनीत इंजीनियरिंग कर घर आ चुके थे, तो वो अपने पिता को लेकर पुलिस स्टेशन गए. वहां एक बड़ा पुलिस अफ़सर मौजूद था. उन्होंने अपनी परेशानी बताई, मगर पुलिसवाले ने मदद करने की जगह उन्हें ज़लील करना शुरू कर दिया. ज़मीन के पेपर उनके मुंह पर मार दिए. उनके पिता ने कहा कि आप हमारे साथ इस तरह ्व्यवहार नहीं कर सकते. ये मेरा बेटा है, इंजीनियरिंग पढ़ा है. उस पुलिस वाले ने जवाब दिया कि ऐसे इंजीनियर बहुत मारे-मारे फिरते हैं.

police
Source: indiatimes

इस घटना ने सिकेरा को काफ़ी अंदर तक हिला दिया. उन्होंने MTech करने का ख़्याल छोड़ दिया और भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी में जुट गए. उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और IAS में सेलेक्ट हो गए. मगर उन्होंने कलेक्टर बनने की जगह IPS को चुना.

SSP बनकर पहुंचे मुज़फ़्फ़रनगर

IPS नवनीत सिकेरा की शुरुआती पोस्टिंग कई दूसरी जगहों पर रहीं. मगर जब वो मुज़फ़्फ़रनगर पहुंते, तो यहां का सीन बिल्कुल अलग था. उस वक़्त ये शहर अपने अपराधों के लिए कुख़्यात था. दो-तीन गैंग्स ने मिलकर लोगों का जीना मुहाल कर रखा था. अपहरण, बलात्कार, हत्या जैसे अपराध आम बात थी. ऐसी जगह पर जब सिकेरा पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले अपनी एक टीम तैयार की और फिर अपराध और अपराधी दोनों का ख़त्म करना शुरू किया.

encounter
Source: oneindia

यहीं से IPS नवनीत सिकेरा का सुपर कॉप बनने का सफ़र भी शुरू हो गया. कहते हैं कि उस वक़्त आईपीएस नवनीत ने 40 से ज़्यादा एनकाउंटर किए थे. उसके बाद उनकी पोस्टिंग मेरठ में हुई, तो उन्होंने वहां भी अपराधियों को नकेल कसना जारी रखा. लोगों के बीच वो काफ़ी पॉपुलर हो गए थे. बताते हैं कि जब मेरठ से नवनीत सिकेरा की पोस्टिंग हुई, तो आम लोगों ने उनके पोस्टर लगा दिए कि उन्हें वापस शहर में लाया जाए.

उसके बाद वो लखनऊ आए और उनके कुख़्यात अपराधियों की गिरफ़्तारी और एनकाउंटर का सिलिसिला जारी रहा. गैंगेस्‍टर रमेश कालिया के एनकाउंटर सबसे ज़्यादा चर्चित रहा, जिसमें पुलिस उसे मारने के लिए बारातियों का भेष बनाकर पहुंची थी. अब तक वो क़रीब 60 एनकाउंटर कर चुके हैं. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यूपी में वीमेन पावर हेल्पलाइन 1090 की पहल भी नवनीत सिकेरा की ही थी.

IPS नवनीत सिकेरा कहते हैं कि उन्होंने हो सकता हो कि अपने करियर में कुछ ग़लतियां की हों, मगर कभी किसी के साथ ग़लत नहीं किया, कोई अनैतिक काम नहीं किया.