(Who is UPSC Topper 2021 Kartik Kansal)- "लक्ष्य साफ़ हो तो मंज़िल मिल ही जाती है". ऐसा तो अपने कई दफ़ा सुना ही होगा. लेकिन इसका जीता जागता उदाहरण बहुत कम देखने को मिलता है. जबसे UPSC का रिज़ल्ट आया है. तबसे आपने कई इंस्पिरेशनल कहानियां सुनी होंगी. लेकिन आज हम जिनकी कहानी बताने जा रहे हैं, वो कुछ अलग ही हैं. 


इस प्रश्न का उत्तर UPSC टॉपर कार्तिक कंसल ने भली भांति दिया है. 2021 में हुए सिविल सर्विसेज़ परीक्षा में कार्तिक ने 271 रैंक हासिल की. चलिए इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम बताएंगे कैसे कार्तिक व्हीलचेयर को कमज़ोरी ना बनाते हुए, हासिल करी इतनी बड़ी उपलब्धि!

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जानते हैं कार्तिक के IIT से ISRO से UPSC तक की कहानी (Who is UPSC Topper Kartik Kansal)- 

ISRO में काम करते-करते कार्तिक ने UPSC की परीक्षा की उत्तीर्ण

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कार्तिक कंसल रुड़की के रहने वाले हैं. 2018 के पास आउट कार्तिक ने अपनी ज़िन्दगी में बहुत मुश्किलों का सामना किया है. उन्होंने बताया कि, जबसे उन्होंने ISRO में नौकरी करनी शुरू की थी. तो वो पढ़ाई और नौकरी दोनों एक साथ संभालते थे. सोमवार से शुक्रवार 9 घंटे नौकरी करने के बाद वो 6:30 बजे से रात 11 बजे तक पढ़ाई करते थे. लेकिन शनिवार और रविवार कार्तिक अपना अधिकतम समय पढ़ाई को देते थे.

मस्कुलर डिस्ट्रोफ़ी से हो गए थे पीड़ित

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सफ़लता कुछ लोगों को आसानी से नहीं मिलती है. ऐसा ही कुछ कार्तिक के साथ भी हुआ था. वो 8 साल की उम्र में "मस्कुलर डिस्ट्रॉफ़ी" बीमारी से पीड़ित हो गए थे. इस बीमारी में धीरे-धीरे शरीर का अंग काम करना बंद कर देता है. जिसकी वजह से उन्हें व्हीलचेयर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया पर कार्तिक ने इस बीमारी को अपने सपने के आड़े नहीं आने दिया और योग और थेरेपी से ख़ुद को ठीक करने के कोशिश की. (Who is UPSC Topper Kartik Kansal)

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कार्तिक ने IIT रुड़की में दाख़िला लिया. जिसके 2018 में डिग्री ख़त्म होने के बाद उन्होंने Graduate Aptitude Test in Engineering (GATE) और Union Public Commission Engineering Services (IES) जैसी कई परीक्षा दी. लेकिन, उनकी इस बीमारी अब उनके आड़े आने लगी थी. एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि,

" मैंने अपने प्रीलिम्स इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा में अच्छा किया था. लेकिन जब लिस्ट आयी, तो मुझे पता चला की मेरी बीमारी के चलते मैं इस पोस्ट के लिए योग्य नहीं हूं. ये मेरे लिए सबसे बुरा वक़्त था. दिमाग़ी तौर पर मैं सारी चीज़ों के लिए तैयार था. लेकिन मैं अपनी इस बीमारी का क्या करूं? मेरी दुनिया बिखर चुकी थी."

कार्तिक इस पॉलिसी को बदलना चाहते थे. 

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कार्तिक इस चल रही परिस्थिति को बदलना चाहते थे. इसीलिए उन्होंने UPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. उनका जज़्बा और समाज में बदलाव का ललक उन्हें आज इस मुक़ाम तक लेकर आया है. (Who is UPSC Topper Kartik Kansal)