नए नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ देशभर में कई जगह विरोध प्रदर्शन हो रहा है. सोशल मीडिया पर इसके ख़िलाफ़ और समर्थन में लोग पोस्ट लिख रहे हैं, हैशटैग चला रहे हैं.

वो कहते हैं न कि एक नुक़्ते के हेर-फ़ेर से ख़ुदा जुदा हो जाता है. ट्विटर पर वही हो रहा है. कल तक दो गुट #IndiaSupportCAA और #IndiaAgainstCAA ट्रेंड करा रही थी. अचानक #IndiaSupportCCA ट्रेंड करने लगा. पहली बार में तो लोगों को लगा कि सरकार फिर से कोई क़ानून लेकर आ गई.

CCA क्या है उसे समझने की ज़रूरत है. इसे सिर्फ़ टाइपो मिस्टेक नहीं कह सकते. टाइपो से ट्विटर पर ट्रेंड नहीं बनते. जब तक एक ही हैशटैग को बार-बार एक ही समय में इस्तेमाल न किया जाए वो ट्रेंड नहीं बनता, CCA तो टॉप ट्रेंड बन गया.

राजनैतिक पार्टियों पर हमेशा ये आरोप लगता रहा है कि वो पैसे दे कर अपने समर्थन में ट्वीट कराते हैं. कई मौक़ पर ये साबित भी होता रहा है. #IndiaSupportCCA का ट्रेंड करना भी वही मौका है.

भाजपा के IT Cell संभालने वाले अमित मालवीय के ट्वीट में ये ग़लती सबसे पहले पाई गई. उसके बाद लगभग CAA के समर्थन में होने वाले आज अधिकांश ट्वीट में CAA का CCA हो चुका था और ट्रेंड बन गया. इसका मतलब पैसा लेकर ट्वीट करने वाले कॉपी की गई टेक्स्ट को पढ़ने की ज़हमत नहीं उठाते.

मेरा मानना है कि इस ग़लती के लिए पार्टी को भाड़े पर ट्वीट करने वालों के पिछले दस ट्वीट का पैसा काट लेना चाहिए. वरना ये ग़लती दोबारा हो सकती, उनका तो कुछ नहीं होता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की फ़ज़ीहत हो जाती है.

बाक़ी ट्रोल करने वाले किसी के सीढ़ियों पर गिरने को नहीं छोड़ते, इतनी बड़ी बात हाथ से कैसे निकल जाने देते.