जनवरी की शुरुआत के साथ ही सरकार भी अपनी भावी योजनाओं को बनाने की तैयारियों में जुट गई है. अपनी योजनाओं को बनाने के लिए सरकार को आंकड़ों की ज़रूरत होती है, जो विभिन्न सर्वे एजेंसियों द्वारा को मुहैया कराई जाती है. इसी क्रम में नेशनल फ़ैमिली एंड हेल्थ सर्वे ने लोगों से जुड़े आंकड़े प्रकाशित किये हैं.

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NFHS-4 के इस सर्वे में 6 लाख परिवारों को शामिल किया गया, जो सोशल और इकोनॉमिक आधार पर किया गया था. इस बार इसमें लोगों की सम्पति के साथ-साथ राज्य की जनसंख्या, धर्म और जाति को भी शामिल किया गया है.

आंकड़ों के मुताबिक, शहरी इलाकों में दिल्ली और पंजाब के लोग सबसे ज़्यादा अमीर हैं. यहां रहने वाले 60 प्रतिशत लोगों के पास अपना मकान है. जबकि इस मामले में बिहार सबसे नीचले पायदान पर है, जहां आधे से ज़्यादा लोगों के पास घर ही नहीं है.

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वहीं धर्म के आधार पर किये गए सर्वे के अनुसार जैन समुदाय के लोग सबसे अमीर हैं, जिनके 70 प्रतिशत लोगों के पास अपना मकान है. जबकि हिन्दुओं और मुसलमानों के हालातों के बीच कोई ख़ास अंतर नहीं है. जाति के आधार अब भी यहां सवर्णों का वर्चस्व है, जबकि दलितों की हालातों में सुधार होने के बावजूद भी वो नीचे ही हैं.