गुजरात के अहमदाबाद में आज एक गैर सरकारी संगठन के कार्यकर्ताओं ने महानगरपालिका में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन का अजीबोगरीब तरीका अपनाते हुए दो कर अधिकारियों को जबरन अचार और मिर्च के साथ करेंसी नोट खिलाने का प्रयास किया.

यूं तो भ्रष्टाचार से निपटने के कई तरीके हो सकते हैं, मगर यह तरीका बिलकुल ग़लत और मानवता के ख़िलाफ़ है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है. सभी आरोपियों पर सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने और उन्हें परेशान करने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया है.

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एनजीओ के प्रेसिडेंट पृथ्वी भट्ट के अनुसार, भ्रष्टाचारी अधिकारी के बारे में कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं. आम लोग उनसे काफ़ी त्रस्त थे, ऐसे में हमने सोचा कि इनको सबक सिखाया जाए. इस वजह से हम लोगों ने लोकल मीडिया को भी बुला लिया और उनके सामने ही भ्रष्ट अधिकारी को करंसी और आचार साथ-साथ खाने को कहा.
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पृथ्वी को अपनी करतूत पर कोई पछतावा नहीं है. वे कहते हैं कि ये कुछ नहीं है. भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाए जाएंगे. पिछले दिनों हमने एक अधिकारी को नाले का पानी पिलाया था.

अपने ऊपर लगे आरोप को बेबुनियाद बताते हुए अहमदाबाद महानगरपालिका के अधिकारी धार्मिन व्यास कहते हैं कि उनके ऊपर किसी तरह का भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है. लोग बेवजह उन्हें परेशान कर रहे हैं.

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इस पूरी घटना पर पुलिस कहती है कि हमने लोक रक्षक सेवा समिति के सभी आरोपित सदस्यों पर मामला दर्ज़ कर लिया और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है.

कानून से बढ़कर कोई नहीं है. इसका हमें सम्मान करना चाहिए. अगर कोई दोषी है, तो उसे हम सज़ा नहीं दे सकते हैं.

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