कॉस्मेटिक ब्रैंड्स पर हमेशा से ही इस बात का इल्ज़ाम लगता रहा है कि वो हीन-भावना को उछाल का रंगभेद को बढ़ावा देते हैं. Fair & Lovely पहले से ही इस वजह से निशाने पर रहती है और अब Nivea जैसा बड़ा ब्रैंड भी इस Controversy का हिस्सा बन गया है.

Source: Anushka Sharma

इस ब्रैंड ने भारत में अपनी पैठ एक Elite ब्रैंड के रूप में बना ली है और अनुष्का शर्मा, अर्जुन रामपाल जैसे स्टार्स इसके Campaigners रहे हैं.

हाल ही में Nivea ने अपने Official Facebook Page पर एक Ad डाला, जिस पर लिखा हुआ था, 'White is Purity'. इस फ़ोटो में काले बालों वाली एक लड़की पीठ कर के बैठी हुई है. यूं तो Nivea कई कैंपेन कर चुका है, लेकिन इस Campaign को कई लोगों की स्ट्रॉन्ग प्रतिक्रिया मिली है.

लोगों ने जैसे ही ये Ad देखा, वो Nivea की इस तरह से सफ़ेद रंग और काले रंग के बीच तुच्छ तुलना को ख़ूब कोसने लगे. लोगों के गुस्से को देखते हुए, Nivea ने फ़ौरन ये Ad सभी जगहों से हटा लिया.

ये Ad यूं तो एक Deodorant के लिए था, लेकिन इस Campaign लाइन ने ग़लत तरीके से सभी का ध्यान खींच लिया. Nivea ने लिखा था, 'Keep it Clean, Keep it Bright', यानि 'साफ़ रखो, ब्राइट रखो'. इस कैंपेन का सीधे मेसेज ये निकल रहा था कि काला रंग सही नहीं है, Impure है. जबकि गोरा रंग सही है, साफ़ है. इसीलिए, लोग इस पर इतना हल्ला मचा रहे हैं.

Nivea की ब्रैंड इमेज को इस कैंपेन से काफ़ी नुकसान हुआ है और Twitter/ Facebook जैसे प्लैटफॉर्म्स पर लोग इसका ख़ूब मज़ाक उड़ा रहे हैं. दुनिया भर में कई लोग Nivea के प्रॉडक्टस इस्तेमाल करते हैं और इस तरह के कैंपेन निश्चित ही, लोगों का भरोसा उठाने का काम करते हैं. फ़िलहाल इस Issue पर Nivea का कोई बयान नहीं आया है.

Source: Metro.co.uk