बीते शुक्रवार को खबर आयी थी कि नोएडा के सेक्टर-37 में एक ख़ौफ़नाक घटना घटित हुई. नोएडा के गोल्फ़ कोर्स मट्रो स्टेशन के बाहर इंतज़ार कर रही लड़की को कुछ दरिदों ने अपनी अपनी स्कार्पियो गाड़ी में ज़बरदस्ती खींच कर बैठा लिया. इसके बाद चलती गाड़ी में लगभग 8 घंटे से ज़्यादा समय तक लड़की का गैंगरेप किया और दरिदों की हैवानियत यहीं नहीं थमी, वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों लड़की को रात के करीब 2 बजे दिल्ली के अक्षरधाम के बाहर सड़क पर फ़ेंक फ़रार हो गए.

गैंगरेप का शिकार हुई लड़की की शिकायत पर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी थी कि अचानक से इस केस में एक नया मोड़ आ गया और लड़की अपने बयान से पलट गई. दरअसल, दुष्कर्म का शिकार हुई लड़की ने वारदात को झूठा करार देते हुए, पुलिस को मामले की जांच न करने की अर्ज़ी दी है.

घटना की जांच में जुटे अफ़सर मनीष सक्सेना ने बताया, 'गैंगरेप का शिकार हुई पीड़िता ने दो लोगों के ख़िलाफ़ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब युवती का कहना कि उसके साथ गैंगरेप नहीं हुआ और वो इस मामले में दर्ज कराई गई शिकायत वापस लेना चाहती, साथ ही इस केस में कोई छानबीन न की जाए.'

आगे बताते हुए अफ़सर ने कहा, 'हालांकि, मामले की छानबीन ज़ारी है और हम उन कारणों की भी जांच कर रहे हैं कि महिला ने दुष्कर्म का झूठा आरोप क्यों लगाया साथ ही बाकी दूसरी रिपोर्ट आने पर कार्यवाई भी की जाएगी.'

सिटी Superintendent Of Police अरुण कुमार सिंह का कहना है कि 'लड़की ने मेडिकल परीक्षण कराने से भी इंकार कर दिया, इतना ही नहीं घटना की जांच के लिए उसने अपना फ़ोन भी मुहैया नहीं कराया.'

बता दें, पीड़िता देवारिया की रहने वाली है, घटना से दो दिन पहले ही वो दिल्ली से नोएडा के सेक्टर 36 में शिफ़्ट हुई थी. लड़की अपने बयान से क्यों पलटी, क्यों उसने मेडिकल परीक्षण कराने से इंकार कर दिया? इस तरह के कई सवाल हैं, जिनका जवाब पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद ही मिलेगा.

Source : Hindustan

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