अब पासपोर्ट बनवाने के​ लिए आपको जन्म प्रमाण पत्र/ बर्थ सर्टिफ़िकेट की ज़रूरत नहीं. पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए, सरकार ने ये फ़ैसला लिया है. इस हफ़्ते केन्द्र सरकार ने संसद में ये जानकारी देते हुए बताया कि जन्म प्रमाण पत्र के बदले, अब जन्म तिथि सिद्ध करने के लिए आधार कार्ड या PAN कार्ड का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे पहले कई लोगों को पासपोर्ट बनवाने में ये दिक्कत आती थी, क्योंकि कई लोगों के बर्थ सर्टिफ़िकेट नहीं बने हैं.

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इससे पहले पासपोर्ट नियम, 1980 के अनुसार 26/01/1989 के बाद जन्मे हर व्यक्ति को पासपोर्ट बनवाने के​ लिए जन्म प्रमाण पत्र दिखाना ज़रूरी था.

नए नियम के अनुसार, अब लोग जन्म प्रमाण पत्र के बदले:

1. स्कूल के ट्रांसफ़र सर्टिफ़िकेट, Matriculation या School Leaving Certificate, जहां से व्यक्ति आखिरी बार पढ़ा था, उस पर लिखी जन्म तिथि मान्य होगी.

2. PAN कार्ड

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3. आधार कार्ड/ई-आधार

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4. ड्राइविंग लाइसेंस

5. वोटर आईडी कार्ड

6. LIC पॉलिसी बॉन्ड

7. सरकारी नौकरी वाले अपने सिर्वस रिकॉर्ड या पेंशन रिकॉर्ड भी जमा कर सकते हैं.

इससे पहले भी पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में कई बदलाव हो चुके हैं. दिसंबर 2016 से ये नए नियम लागू हो चुके हैं-

1. पासपोर्ट के लिए अब तलाक के काग़ज़ात या एडॉप्शन सर्टिफ़िकेट की ज़रूरत नहीं.

2. किसी अनाथ व्यक्ति के लिए, अनाथ आश्रम के दस्तावेज़ों से जन्मतिथि सिद्ध हो सकेगी.

3. नए पासपोर्ट में व्यक्ति की निजी जानकारी हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनो में छपी होगी.

4. आठ साल से छोटे बच्चों और 60 साल से ज़्यादा के लोगों को पासपोर्ट शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी.

5. आॅनलाइन आवेदन में आप माता या पिता में से किसी एक का नाम दे सकते हैं. ये उन लोगों के लिए जो सिंगल पेरेंट हैं.

6. पासपोर्ट बनवाने के लिए लगने वाले दस्तावेज़ों की संख्या 15 से 9 हो चुकी है. इसके अलावा आप ये सिर्फ़ सफ़ेद कागज़ पर प्रिंट कर के सेल्फ़ अटेस्टेड कॉपी जमा हो सकेगी. 'अब किसी गैजेटेड आॅफ़िसर से अटेस्ट करने, नोटरी/कार्यकारी मजिस्ट्रेट/ प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने शपथ की ज़रूरत भी नहीं.

इसके अलावा शादीशुदा आवेदकों को मैरिज सर्टिफ़िकेट या तलाकशुदा लोगों को पार्टनर का नाम देने की भी ज़रूरत नहीं.

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