मैं: मम्मी मेरी ये जींस ख़राब हो गई है, फेंक दो इसे,

मम्मी: चुप कर तू, रख दे उसे वहीं, मैं देख लूंगी क्या करना है उसका

तुम लोगों को बस चीज़ें फेंकने से मतलब है... पैसे लगते हैं हर चीज़ में...

दोस्तों ये डायलॉग आपने अपने घर में ज़रूर सुना होगा... अरे-अरे एक मिनट ये मैं मिडिल क्लास वालों से पूछ रही हूं, अपर क्लास वाले इसे दिल पर न लें. जी हां आज हम मिडिल क्लास वाली मम्मियों के बारे में बात करने जा रही हूं.

आज के ज़माने में हम लोग कोई चीज़ ज़रा सी ख़राब हुई नहीं कि उसे फेंक देते हैं, नए-नए कपड़े ज़रा से ख़राब होने पर उनको गठरी बना कर रख देते हैं. हमको लगता है कि हम पैसे कमा रहे हैं, तो क्या करना है पुरानी चीज़ों को रखने का. हम बिना सोचे-समझे पुराना सामान बाहर फेंक देते हैं. अगर आपको लगता है कि ये रीसाइक्लिंग का फंडा कुछ टाइम पहले ही आया है, तो जनाब आप ग़लत हैं. क्यों? क्योंकि हमारे मिडिल क्लास फ़ैमिलीज़ में सदियों से रीसाइक्लिंग का फंडा चल रहा है.

मिडिल क्लास फ़ैमिली में रीसाइक्लिंग का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है. मुझे आज भी याद है कि कैसे मेरी मम्मी पुराने कपड़ों से कुछ न कुछ काम में लायी जाने वाली चीज़ बना देती थीं. हां लेकिन मिडिल क्लास फ़ैमिली में रीसाइक्लिंग का मतलब बचत करना भी होता है. और बचत करने में तो मम्मियां माहिर होती हैं. सब्ज़ी के साथ मिर्ची और धनिया फ़्री लेना भी एक तरह से माध्यम वर्गीय परिवार के लिए बचत ही होती है. इस बात को मिडिल क्लास वाले ही अच्छे से समझ सकते हैं.

तो आइये अब जानते हैं कि कैसे मिडिल क्लास फ़ैमिली की मम्मियां कैसे करती हैं बचत उर्फ़ रीसाइक्लिंग:

1. बड़े भाई/ बहन के कपड़े छोटे भाई/बहन को पहनाना.

2. प्लास्टिक की बोतलों में मनी प्लांट लगाना.

3. पुरानी जींस से हाफ़ पैंट बनाना.

4. जींस से हाफ़ पैंट नहीं बन सकता, तो उसका स्टाइलिश बैग या सब्ज़ी वाला झोला बना देना.

5. जब कपड़े किसी के पहनने लायक नहीं बचते तो उनका झाड़न या पोछा बना देना.

6. प्लास्टिक के पॉलीथीन से मैट यानि की चटाई बनाना.

7. पुरानी चादर या पर्दे से पापोश बना देना.

8. पुरानी साड़ी से सूट, लहंगा, कुर्ती, या फिर दुपट्टा बनाना तो कोई इनसे सीखे.

9. सुबह के चावल बच गए तो प्याज़ और सब्ज़ी डालकर फ्राइड राइस बनाना.

10. मिठाई के डिब्बों को संभाल कर रखना ताकि जब कहीं घूमने-फिरने या ट्रेन से कहीं जाएं, तो खाना उसी में पैक कर लें.

11. चॉकलेट के डिब्बों को रंगीन शीट से कवर करके ज्वेलरी बॉक्स या पेन स्टैंड बना देना.

12. अचार या जैम की बोतलों को किचन में मसाला भरकर रखने के लिए संभालना.

तो दोस्तों अब समझ आया न कि हमारी मम्मियां कैसे-कैसे बचत करती हैं और ज़रूरत करने पर हमारे ऊपर ख़र्च करती हैं. अगर आप भी मिडिल क्लास फ़ैमिली से ताल्लुक रखते हैं, तो आपकी मम्मी भी ऐसा ही करती होंगी.