हमारे देश में शिक्षक को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है. इतिहास में कई ऐसी कहानियां भी प्रचलित हैं, जो गुरु-शिष्य के रिश्ते की पवित्रता को ज़ाहिर करती हैं, पर इस समय दुनिया इतनी कलुषित हो गई है कि किसी भी रिश्ते में पवित्रता नहीं बची है. राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे हैवान शिक्षक को गिरफ़्तार किया है, जिसने 10 साल में 200 से ज़्यादा स्कूली बच्चों का यौन उत्पीड़न किया.

राजस्थान के रामगढ़ का रहने वाला रमीज़, स्कूल के बच्चों का बलात्कार कर उन्हें पैसों के लिए ब्लैकमेल करता था. उसके खिलाफ़ शिकायत के बाद स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचित करने के बजाय उसको रिज़ाइन करने को कहा.

रमीज़ की इस हैवानियत का खुलासा तब हुआ, जब एक 20 वर्षीय बच्चे के पिता ने पुलिस स्टेशन में एफ.आई.आर. दर्ज करवाई. रमीज़ पिछले छह सालों ये इस बच्चे का यौन शोषण कर रहा था. पुलिस को भी रमीज़ के कंप्यूटर से लगभग 50 पोर्नोग्राफ़िक क्लिप्स मिले.

बच्चे के पिता का कहना है कि जब उनका बच्चा 14 साल का था, तब टीचर ने उसका पहली बार शोषण किया था. टीचर ने उसे परीक्षा में फ़ेल करने की धमकी देकर अपने गलत इरादों को अंजाम दिया था.
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जब उसके कंप्यूटर से मिले बच्चों के क्लिप्स स्कूल प्रशासन को दिखाये गये, तब उन्होंने बच्चों को चुप रहने और पुलिस को सूचित न करने की धमकी दी. पुलिस का भी मानना है कि अगर स्कूल प्रशासन ने कड़ाई की होती, तो रमीज़ जेल में होता और अन्य बच्चे उसका शिकार नहीं बनते. पुलिस की पूछताछ के दौरान रमीज़ ने कबूला कि वो कई सालों से बच्चों का रेप कर रहा था और पैसों के लिए उन्हें ब्लैकमेल भी किया करता था.

वाकई दुनिया में इंसानी ज़मीर मरता जा रहा है, अब बच्चे शिक्षा का मंदिर कहलाने वाले स्कूल में भी सुरक्षित नहीं हैं.

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