Organized सेक्टर में काम करने वाली कई महिलाओं के लिए सरकार का ये फ़ैसला ख़ुशख़बरी बन कर आया है. लोक सभा में मैटरनिटी लीव्स को लेकर एक बिल पास हुआ है, जिसके तहत महिलाओं को 26 हफ़्तों की पेड मैटरनिटी लीव मिलेंगे. वो ये लीव्स 12वें हफ़्ते से लेनी शुरू कर सकती हैं. इस ऐतिहासिक फ़ैसले से प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाली उन सभी महिलाओं को फ़ायदा होगा, जिन्हें प्रेगनेंसी की वजह से अपनी जॉब छोड़नी पड़ती थी.

मैटरनिटी लीव्स को लेकर बने इस कानून को हर उस कंपनी को मानना होगा, जिसमें 10 या उससे ज़्यादा लोग हैं. ये कानून सिर्फ़ पहले दो बच्चों पर ही लागू होगा. तीसरे बच्चे के लिए पेड लीव्स सिर्फ़ 12 हफ़्तों की होंगी.

कनाडा और नॉर्वे के बाद पेड मैटरनिटी लीव देने के मामले में भारत तीसरा देश बन जाएगा. कनाडा में 50 हफ़्ते और नॉर्वे में 44 हफ़्तों की पेड लीव्स हैं.

इस बिल के अन्तर्गत उन मांओं को भी पेड लीव्स मिलेंगी, जिन्होंने 3 साल से कम उम्र का बच्चा अडॉप्ट किया है और Surrogacy से बच्चे अपनाने वालों को भी 12 हफ़्तों की पेड लीव मिलेगी. 50 या उससे ज़्यादा लोग अगर किसी कंपनी में काम करते हैं, तो उन्हें किसी पास की लोकेशन में एक क्रेच भी उपलब्ध करवाना होगा.

इस बिल को प्रेज़ेंट करते हुए श्रम मंत्री बंदारू दत्तात्रेय ने कहा कि उन्होंने इस कानून में महिलाओं के हितों और उनकी सुविधा का ध्यान रखने की पूरी कोशिश की है. ये उनकी तरफ़ से महिला दिवस का गिफ्ट है.

आजकल सभी महिलाएं नुक्लेअर फैमिली में रहती हैं और प्रेगनेंसी से लेकर बच्चे की देख-भाल का ज़िम्मा उसी के सिर पर पड़ता है, हमने कोशिश की है कि उन्हें इसमें थोड़ी राहत मिले.

इस बिल की Women and Child Development Minister, मनेका गांधी ने भी जब कर तारीफ़ की.

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