पाकिस्तान डिफे़ंस फ़ोरम को भारत के ख़िलाफ़ साज़िश रचना काफ़ी भारी पड़ गया. दरअसल, डिफे़ेंस पीके.कॉम ने ट्विटर और फ़ेसबुक पर मॉर्फ़ फ़ोटोग्राफ़्स के ज़रिए भारत को बदनाम करने का षड़यंत्र रचा था. दिल्ली विश्वविद्यालय की एक एक्टिविस्ट की मॉर्फ़ फ़ोटोग्राफ़्स शेयर करने के बाद, डिफे़ेंस पीके के ट्विटर हैंडल और फ़ेसबुक पेज को सस्पेंड कर दिया गया है.

बताया जा रहा है कि डिफे़ेंस पीके पाकिस्तान की सेनाओं से जुड़ी और सेनाओं के पक्ष में कई तरह की जानकारियां साझा करने वाला एक मंच है. ये पहला ऐसा किस्सा नहीं, इससे पहले उसने कुलभूषण जाधव से जुड़ी एक झूठी जानकारी शेयर कर भारत को बदनाम करने की कोशिश की थी.

बीते शनिवार को डिफे़ंस पीके ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की कंवलप्रीत नामक एक स्टूडेंट की एक तस्वीर शेयर की थी. कंवलप्रीत भारत में मॉब लिन्चिंग की घटनाओं पर जून 2017 में चले कैंपेन 'नॉट इन माय नेम' का हिस्सा थीं, उसने बीते 27 जून को ट्विटर हैंडल पर हाथों में प्लेकार्ड लिए हुए अपनी एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा था, 'मैं एक भारतीय नागरिक हूं, जो अपने धर्मनिरपेक्ष संविधान के साथ खड़ी हूं. मैं मुस्लिमों के सांप्रदायिक मॉब लिंचिंग के खिलाफ़ लिखूंगी.'

वहीं डिफ़ेंस पीके ने छात्रा की इस तस्वीर को भारत के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया और तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करते हुए लिखा, 'मैं एक भारतीय हूं, लेकिन मुझे भारत से नफ़रत है, क्योंकि यह औपनिवेशिक इकाई है जिसने नागा, कश्मीर, मणिपुरी आदि राज्यों पर कब्ज़ा जमा रखा है.'

पाक की इस ना'पाक' हरकत का ख़ुसाला तब हुआ, जब जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन की वाइस प्रेसीडेंट शेहला राशिद की नज़र इस इससे जुड़े एक ट्वीट पर पड़ी. इसके बाद कंवलप्रीत ने इसकी शिकायत ट्विटर से कर दी, जिस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए ट्विटर ने पाक डिफ़ेंस नाम के इस ट्विटर हैंडल को बंद कर दिया है.

Source : hindustantimes