कहते हैं कि कोई भी अपने गुज़रे हुए सुहाने पलों को दोबारा नहीं जी सकता है. और अगर कोई कोशिश भी करे तो वो अपने सबसे करीबी व्यक्ति के साथ बीते दिनों को एक बार फिर से जीने के लिए किस हद तक जाएगा. कभी आपने ऐसा सोचा है. नहीं ना, चलिए हम आपको एक वजह देते हैं इस बारे में सोचने के लिए. लेकिन पहले आप ये पढ़िये और इसे महसूस करिये, ये सच्ची कहानी पिछले साल नवम्बर महीने की है, जो आपके दिलों के तारों में तरंगे उत्पन्न कर देगी. ये रील लाइफ़ कि नहीं, बल्कि रियल लाइफ़ की बहुत ही इमोशनल लव स्टोरी है.

एक ट्विटर पर एक यूज़र Chachi Chatters, ने अपने अकाउंट से अपनी और अपने मरहूम पति की लव स्टोरी को शेयर किया. सोशल मीडिया पर ये लव स्टोरी वायरल हो गई और इसने सोशल मीडिया यूज़र्स के दिल के तारों को बजा दिया, लोग इस कहानी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ गए हैं.

अपने पुराने दिनों को याद करते हुए वो लन्दन की उन जगहों पर गयीं जहां वो अपने पति के साथ फ़ब्वारे के पास बेंच पर घंटों बैठा करती थीं. वहां जाकर उनको लगा कि भले ही उनके पति अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन वो हमेशा उनके साथ हैं, उनके पास हैं. उनके लिए ये एहसास बेहद ही रोमांचकारी है.

ये ट्विटर यूज़र, जो अब बुज़ुर्ग हो चुकी हैं और बीमार भी रहती हैं, ने लन्दन की एक फ़्लाइट ली ताकि वो अपनी पुरानी यादों को एक बार फिर से सकें. वो यादें जिनमें वो अपने पति के साथ एक खूबसूरत फ़ब्वारे के बगल में बेंच पर बैठीं हैं. उनको ये तो याद नहीं कि वो फ़ब्वारा कौन सा था, लेकिन ये याद है कि वो लन्दन में स्थित है. इसलिए उन्होंने उस फब्वारे को ढूंढने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया. और उनको इसमें सफ़लता भी मिली.

उन्होंने बेहद खूबसूरती से लन्दन में बिताये उस एक हफ्ते को बयां किया, उन्होंने वीक डेज़ में अपने अकेले दम पर शहर घूमा और अपने “Marhoom khaawand” मलतब कि अपने मरहूम पति के साथ उस जगह तक पहुंचने का इंतज़ार किया.

पूरी कहानी आप यहां पढ़िए:

जब उन्होंने मदद की बात की तो लोग उनके पास पहुंचे और उनकी मदद की

उसके बाद नीचे बैठ गयीं और सोचने लगीं कि वो फ़ब्वारा उनके लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है...

शायद यही होता है सच्चा प्यार!

Source: indianexpress