भारत ने 5 साल के पाकिस्तानी बच्चे इफ्तिखार अहमद को 11 महीने बाद उसकी मां से मिलवा दिया. पाकिस्तान हाई कमीशन के ऑफिशियल्स शनिवार शाम इफ्तिखार को लेकर वाघा बॉर्डर पहुंचे, जहां उसे उसकी मां के हवाले कर दिया गया. बच्चे को उसके पिता जबरन भारत ले आए थे. पाकिस्तान ने इस मामले में मदद के लिए भारत को शुक्रिया कहा है.

गौरतलब है कि इस मासूम बच्चे की मां ने कस्टडी के लिए भारतीय अदालत में अर्जी दाखिल की थी. 

पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा, "इफ्तिखार को उसकी मां तक वापस पहुंचाने में भारत सरकार की सहयोगपूर्ण भूमिका की मैं सराहना करता हूं." 

इफ्तिखार के पिता गुलजार मार्च, 2016 में उसे लेकर जम्मू एवं कश्मीर के गांदरबल चले आए थे. इसके बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की रहने वाली रोहिना कियानी जो बच्चे की मां है, ने बच्चे का संरक्षण हासिल करने के लिए भारत की एक अदालत में मामला दाखिल किया. फैसला तो पिछले वर्ष ही मई में आ गया था, लेकिन सीमा पर चल रहे तनाव के चलते आठ महीने तक बच्चे को उसकी मां को नहीं सौंपा जा सका.

बच्चे के पिता ने अपनी पत्नी से झूठ बोला था कि वह इफ्तिखार को एक विवाह समारोह में लेकर जा रहा है. लेकिन वह इफ्तिखार को लेकर पहले दुबई गया और वहां से गांदरबल चला आया. लेकिन जब मामला पाकिस्तानी उच्चायोग पहुंचा और यह साबित हो गया कि इफ्तिखार पाकिस्तानी नागरिक है, तो बच्चे को उसकी मां को सौंपने का फैसला दिया गया.

इफ्तिखार का पिता आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था और 2011 में बॉर्डर पार करके पाकिस्तान भाग गया था. कुछ समय बाद उसने पाकिस्तान में रोहिना से शादी कर ली थी. इफ्तिखार के वापिस मिलने पर रोहिना का कहना है कि अपने बेटे को वापिस पाना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है.