हमारे पैरेंट्स ने हमसे ज़्यादा दुनिया देखी है. शायद इसीलिये उन्हें इंसानों की परख करना भी आता है और हम अगर ग़लत रास्ते पर जायें, तो डांट-फ़ंटकार कर सीधा करना भी जानते हैं. इसके साथ ही समय-समय पर ज़िंदगी को लेकर सही सलाह भी देते हैं, पर यहां सवाल ये है कि क्या मम्मी-पापा की हर बात सही होती है? इसी सवाल का जवाब एक लड़की ने सवाल-जवाब की वेबसाइट Quora पर दिया है.

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रुबी चौधरी नाम की इस लड़की का मानना है कि हर बार पैरेंट्स सही फ़ैसला लें, ये बिल्कुल भी ज़रूरी नहीं है, क्योंकि कई बार उनका फ़ैसला हमारे लिये सही साबित होता है, तो कई बार वही चीज़ एक ग़लती बन जाती है.

रुबी ने अपने पापा की मर्ज़ी से शादी करने का फ़ैसला लिया और आज वो अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में बेहद ख़ुश है. इसके साथ ही उसके पापा को लगता था कि वो राजनीति में आ कर कुछ नया कर सकती है, पर रुबी को राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी. पर अब उसे अपने पापा की सलाह सही लगती है. लेकिन बात सिर्फ़ यहीं ख़त्म नहीं होती.

यूज़र ने कई वाक्ये ऐसे भी साझा किये जिसमें उसके पापा की सलाह ग़लत साबित हुई. जैसे कि उसका बिना कोचिंग के पढ़ाई करना और फेल हो जाना. आर्ट में रुचि होते हुए विज्ञान ले लेना और अब तक नौकरी हाथ न लगना. यही नहीं, रुबी का कहना है कि उसकी दीदी की शादी के वक़्त उसने अपने पापा को वो रिश्ता करने से मना किया, लेकिन वो नहीं मानें और रिश्ता वहीं किया जहां वो चाहते थे. इसके बाद से आज तक उसकी दीदी ख़ुशियों के लिये तरस रही हैं. इस लड़की के एक्सपीरियंस पर लोगों ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं:

माना मम्मी-पापा हमारा भला चाहते हैं और हमें आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं, पर वो हमेशा सही कहें ये भी ज़रूरी नहीं है. क्योंकि इंसानों से ग़लती हो जाती है. इसीलिये पैरेंट्स की बात सुन कर उस पर सोच-विचार करने के बाद ही अमल करना चाहिये.

Source : Quora