सीमा पर आये दिन होने वाले हमलों में देश के जवान शहीद हो रहे हैं, उनके साथ हमलावरों द्वारा बर्बरता की हदें पार की जा रही हैं. इन शहीदों की मौत के बाद उनके परिवार पर क्या बीतती होगी, इसकी हम लोग कल्पना भी नहीं कर सकते. ज़रा उन परिवारों के बारे में सोचिये, जिनके घर की पूरी ज़िम्मेदारी उसी जवान के ऊपर थी, जिसको सीमा की रक्षा करते वक़्त हमलावरों द्वारा मार दिया गया हो. इन शहीदों के घरों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी ऐसी स्थिति में रुक जाती है.

बीते गुरुवार योगगुरु बाबा रामदेव ने शहीदों के बच्चों को मुफ़्त शिक्षा देने का एलान किया है. बाबा रामदेव ने इन बच्चों के लिए पतंजलि आवासीय सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की है.

इन पतंजलि स्कूलों में सभी बच्चों को मुफ़्त शिक्षा दी जायेगी. ये स्कूल दिल्ली-एनसीआर में खोले जाएंगे. इस्तना ही नहीं बाबा रामदेव ने इस बात का भी ऐलान किया कि वो सुकमा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 25 जवानों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए देंगे.

ये ऐलान उस इवेंट में किया गया, जब पतंजलि अपने नए प्रोडक्ट्स और 2016-17 के टर्नओवर और मुनाफ़े की घोषणा कर रहा था.

इन कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने पतंजलि के उत्तराधिकारी को लेकर कहा कि उत्तराधिकारी कोई कारोबारी नहीं, बल्कि संन्यासी होगा. उन्होंने बताया कि पतंजलि का टर्नओवर 10,561 करोड़ रुपए है और हमारा मुनाफा 100 फीसदी की दर से बढ़ रहा है. हम जम्मू-कश्मीर में प्लांट की तैयारी कर रहे हैं और पतंजलि ने नोएडा में 400 एकड़ ज़मीन खरीदी है.

बाबा रामदेव ने ये भी कहा कि वो गौमूत्र छिपा कर नहीं बेचते हैं और पतंजलि की सिर्फ़ पांच औषधियों में गौमूत्र का इस्तेमाल होता है. मुस्लिमों के बीच पतंजलि के सभी प्रोडक्ट्स में गौमूत्र की अफ़वाह फैलाई गई. साथ ही आंवला जूस के बारे में भी तरह-तरह की अफवाहें फैलाई गयीं.