बेंगलुरु के एक स्कूल में साढ़े तीन साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. बच्ची के साथ प्ले स्कूल में ये घिनौना काम किया गया. घटना के चंद घंटों बाद ही आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है. लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि बच्चों का यौन शोषण करने वाला ये आदमी, बच्चों के बीच ही स्कूल में काम करता था. शुक्रवार को पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत की थी, शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी हेल्पर को गिरफ़्तार कर लिया.

इस रिपोर्ट के बाद और भी कई बच्चों ने इसी आदमी द्वारा यौन उत्पीड़न करे जाने की बात कही है. FIR के अनुसार, इस आदमी ने दो से चार साल की उम्र के कम से कम सात और बच्चों का भी यौन शोषण किया है.

आरोपी की पहचान मंजूनाथ के तौर पर हुई है. उसके खिलाफ़ बाल यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है, स्कूल ने शनिवार को उसे नौकरी से निकाल दिया. स्कूल की प्रिंसिपल के मुताबिक, मंजूनाथ की नियुक्ति से पहले उसका बैकग्राउंड चेक किया गया था, लेकिन उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला था.

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ये बात हैरान करती है कि मंजू को इस स्कूल में काम करते हुए आठ से ज़्यादा साल हो गए हैं, पर अब तक उसकी काली करतूतें कभी स्कूल प्रशासन की नज़र में नहीं आयीं. बच्ची ने अपने गुप्तांग में दर्द होने पर अपने मां-बाप से शिकायत की थी, जिसके बाद यौन शोषण की बात सामने आयी. एक बच्ची के माता-पिता ने बताया कि जब उनकी बेटी ने इस हेल्पर के खिलाफ़ शिकायत की थी, तो उसे अनसुना कर दिया गया था और मंजू को केवल धमकी दे कर छोड़ दिया गया था.

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बच्चों ने ये भी बताया कि वो बच्चों को वॉशरूम भी ले जाता था और जब उनके कपड़े बदले जाते थे, तब भी वो वहां मौजूद रहता था. मंजू ही स्कूल के CCTV ऑपरेशन का इंचार्ज था, इसलिए उससे भी सबूत मिलने की संभावना कम है.

स्कूल को बंद कर दिया गया है और प्रिंसिपल, डॉ. वीणा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. बच्ची के पिता बताते हैं कि जब उन्होंने प्रिंसिपल से बात की, तो उन्होंने ऐसा कुछ होनें की सम्भावना से इंकार कर दिया था.

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