सलाह एक ऐसी चीज़ होती है, जिसे हर आदमी हंसते-हंसते दे देता है. सलाह देते वक़्त हर कोई यही सोचता है, अच्छी बात समझाने में हर्ज़ ही क्या है, हमारे कौन से पैसे ख़र्च हो रहे हैं. वहीं अकसर कुछ लोगों को कहते सुना होगा कि हर किसी को सलाह नहीं देनी चाहिए, कभी-कभी सलाह ख़ुद पर ही भारी पड़ जाती है. इतनी भारी कि इसकी कीमत कुछ लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है.

ताज़ा मामला दिल्ली के जीटीबी नगर का है. शनिवार रात दिल्ली के जीटीबी नगर इलाके में मेट्रो स्टेशन के बाहर, एक ई-रिक्शा चालक को कुछ सरफ़िरे लोगों ने सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से मार दिया, क्योंकि वो उन्हें मेट्रो के बाहर पेशाब करने से रोक रहा था.

आधी रात को दिल्ली में हुए दर्दनाक हादसे की पीएम नरेंद्र मोदी ने कड़ी निंदा करते हुए, मृतक ई-रिक्शा चालक रविंद्र कुमार के परिजनों को एक लाख रुपये मुआवज़ा देने का ऐलान किया है. पीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द कातिलों की गिरफ़्तारी की जाए.' पीएम मोदी इस वक़्त चार देशों के दौरे पर हैं.

बीते सोमवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू भी मृतक रविंद्र के परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार को अपनी सैलरी से पचास हज़ास रुपये का चेक भी दिया. केंद्रीय मंत्री ने भी मामले की कड़ी निंदा करते हुए, आरोपियों के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी सज़ा की मांग की है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार रात दो लड़के शराब पीकर मैट्रो स्टेशन के बाहर पेशाब कर रहे थे. रविंद्र ने लड़कों को 'स्वच्छता अभियान' का हवाला देते हुए, उन्हें मैट्रो पर पेशाब न करने की सलाह दी.

हादसे के गवाह ने बताया, ई-रिक्शा चालक के विरोध करने पर आरोपियों ने गुस्से में आकर 14-15 लोगों को उसे पीटने के लिए बुला लिया. वारदात की रात 14-15 लोग झोले में ईंट-पत्थर भर कर लाए थे. सभी ने मिलकर बुरी तरह रविंद्र को पीटना शुरू कर दिया. रविंद्र अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भगता रहा, पर किसी ने भी उसकी मदद करना उचित नहीं समझ और बुरी तरह जख़्मी रविंद्र ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया.

कितनी अजीब बात है न, अपने ही देश में गंदगी न फैलाने की सलाह देने की कीमत लोगों को अपनी जान देकर चुकनी पड़ती है.